अहमद पटेल के बेटे फैजल छोडेंगे हाथ का साथ
अहमदाबाद | काफी समय से कांग्रेस से नाराज चल रहे फैजल पटेल ने आखिरकार हाथ का साथ छोड़ने का फैसला किया है| फैजल पटेल कांग्रेस के दिग्गज नेता और सोनिया गांधी के सलाहकार रहे स्व. अहमद पटेल के बेटे हैं| फैजल पटेल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार उनकी अवगणना कर रही है, इस कारण उन्होंने काफी दु:ख के साथ पार्टी छोड़ने का निर्णय किया है| फैजल पटेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कांग्रेस छोड़ने से इस्तीफा देने का ऐलान किया| इस्तीफे का कारण बताते हुए फैजल पटेल ने कहा कि उन्हें काम करने की मंजूरी नहीं है| कांग्रेस से इस्तीफा देते हुए फैजल पटेल ने उन्हें सपोर्ट करने वाले कार्यकर्ताओं के प्रति आभार भी व्यक्त किया है| फैजल पटेल ने अपने पोस्ट में कहा कि मेरे पिता ने अपना पूरा जीवन देश, पार्टी और गांधी परिवार को समर्पित कर दिया| मैंने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलने की कोशिश की लेकिन हर कदम पर मुझे अस्वीकार कर दिया गया। मैं लोगों के लिए काम करना जारी रखूंगा और कांग्रेस पार्टी हमेशा मेरा परिवार रहेगी। मैं उन सभी नेताओं को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मेरा समर्थन किया। इसके अलावा फैसल पटेल ने यह भी कहा कि बहुत दुख और तकलीफ के साथ मैंने कांग्रेस के लिए काम करना बंद करने का फैसला किया है| उन्होंने यह भी कहा कि यह कई वर्षों की कठिन यात्रा रही है|
लोरमी में महिला से छेड़छाड़ केस, दो आरोपी गिरफ्तार
सिंघानिया चौक पर चाकू लहराने वाला युवक गिरफ्तार
MCB में धान उठाव की रफ्तार तेज, 4.27 लाख क्विंटल का सफल परिवहन
रायपुर में फरार आरोपी की सक्रियता से हड़कंप, वीडियो वायरल
लखनऊ में धीरेंद्र शास्त्री की हनुमत कथा रद्द, LDA ने रद्द किया मैदान आवंटन
आज से शुरू CGBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा, कड़े सुरक्षा इंतज़ाम
पेट्रोल-डीजल के नए दाम जारी: क्या आज फुल टैंक करवाना होगा महंगा? जानें आपके शहर का ताजा रेट
सोना-चांदी फिर हुए बेकाबू: गहने बनवाने से पहले देख लें आज के नए रेट, वरना जेब पर पड़ेगा भारी बोझ
रंगभरी एकादशी कब है, इस दिन बन रहा है चार शुभ संयोग, क्यों है खास
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (20 फ़रवरी 2026)
पिंकी मुद्रा लोन से बनी आत्मनिर्भर : स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा
गिधवा टैंक में प्रवासी मल्लार्ड का आगमन, बढ़ी क्षेत्र की पहचान
न्यूट्रिशन फ्लो तकनीक को बढ़ावा देने विशेष बैठक आयोजित
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से बदला शिव शंकर का जीवन