रैपिडो का विशाल राइडर बेस और "ऑफलाइन प्राइस = ऑनलाइन प्राइस" का वादा, क्या बनाएगा नया मार्केट लीडर?
रैपिडो की फूड डिलीवरी सेक्टर में एंट्री की तैयारी कर रही है. कंपनी अपने 40 लाख राइडर नेटवर्क का उपयोग करके इस सेक्टर में बड़े बदलाव के संकेत दे रही है. रैपिडो लगभग जीरो इंक्रीमेंटल कैपिटल एक्सपेंडिचर के साथ, निष्क्रिय स्लॉट का बेस्ट उपयोग करने की योजना पर काम कर रही है. फूड डिलीवरी सेक्टर में रैपिडो की एंट्री से मौजूदा दिग्गज स्विगी और इटरनल (जोमैटो) के झटका लग सकता है.
कमाई को लग सकता है झटका?
रैपिडो को स्विगी और जोमैटो की इनकम और टारगेट प्राइस के लिए खतरा माना जा रहा है. एलारा सिक्योरिटीज ने एक फ्रेश नोट में कहा कि कोई भी निरंतर एग्जीक्यूशन और स्केल की जरिए रैपिडो मौजूदा प्रतिस्पर्धियों के स्टेबल टेक-रेट और प्रॉफिट को चुनौती दे सकती है.
जोमैटो-स्विगी को कैसे पहुंच सकता है नुकसान?
जोमैटो और स्विगी की ऑनलाइन फूड डिलीवरी की कहानी एक दशक पुरानी है और अब स्टेबल टेक रेट ऑफर करती हैं. इसमें शॉर्ट टर्म में 5 फीसदी एडजस्टेड EBITDA का लक्ष्य है. ट्रायल-आउट वॉल्यूम को छोड़कर, रैपिडो का तेज स्केल-अप स्थिर ऑपरेशन एनवायरमेंट को रिस्क में डाल सकता है
एलारा सिक्योरिटीज ने कहा कि इटरनल के रेवेन्यू ग्रोथ में 200 बेसिस प्वाइंट की गिरावट और फूड डिलीवरी सेगमेंट में 10 फीसदी वैल्यूएशन मल्टीपल के कारण, इसका एडजस्टेड कंसोलिडेटेड टारगेट प्राइस 300 रुपये से 6 फीसदी घटकर 282 रुपये हो सकता है.
कम कमीशन रेट स्ट्रक्चर
रैपिडो ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी में उतरने के लिए अपने कमीशन रेट स्ट्रक्टर की घोषणा की है. यह स्ट्रक्चर जोमैटो और स्विगी के मुकोबले प्रतिस्पर्धी है, क्योंकि रैपिडो एवरेज ऑर्डर वैल्यू (AOV) के आधार पर रेस्टोरेंट पार्टनर से 8-15 फीसदी का कमीशन रेट वसूलेगा. यह स्विगी और जोमैटो के लिए 21-22 फीसदी के मिक्स कमीशन रेट के मुकाबले कम है.
ऑर्डर चार्ज
रिपोर्ट के अनुसार, रैपिडो ने 400 रुपये से कम के ऑर्डर पर 25 रुपये और 400 रुपये से अधिक के ऑर्डर पर 50 रुपये का शुल्क तय किया है. यह सर्विसेज बेंगलुरु से पायलट बेस पर शुरू की जाएंगी. रैपिडो का यह कदम ONDC और OLA से अलग है, जहां लास्ट मील कनेक्टिविटी एक इश्यू था.
विशाल राइडर नेटवर्क
रैपिडो के पास 40 लाख राइडर नेटवर्क है, जिसमें प्रतिदिन 30-35 लाख राइड्स हैं, जो आंशिक रूप से लॉजिस्टिक्स को सपोर्ट करता है. यह इटरनल के 4.4 लाख और स्विगी के 5.3 लाख राइडर बेस से बिल्कुल उलट है.
ऑनलाइन फूड डिलीवरी के बिजनेस में उतरने वाले नए प्लेयर (ONDC और डायरेक्ट ऑर्डरिंग प्लेटफॉर्म) लास्ट मील कंट्रोल और 3P लॉजिस्टिक्स पर निर्भरता के कारण स्केल-अप करने में असफल रहे हैं. लगातार एग्जीक्यूशन और स्केल पर रैपिडो मौजूदा कंपनियों की स्टेबल टेक-रेट और मुनाफे को चुनौती दे सकती है.
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