पंच केदार में होती है तुंगनाथ मंदिर की गिनती
दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर है तुंगनाथ मंदिर है। इसकी गिनती पंच केदार यात्रा में की जाती है, जोकि उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय क्षेत्र में स्थित पांच पवित्र जगहों में से एक है, हालांकि यह चार धाम यात्रा से अलग है। पौराणिक कथा के मुताबिक कुरुक्षेत्र युद्ध के बाद पांडवों में भगवान शिव से क्षमा मांगनी पड़ी थी। ऐसे में भगवान शिव ने लुका-छुपी का एक खेल खेला। जिसके तहत पांच अलग-अलग स्थानों पर पांच मंदिरों की स्थापना हुई। जिसमें केदारनाथ, तुंगनाथ, रुद्रनाथ, मध्यमहेश्वर और कल्पेशर शामिल हैं। इनमें से तुंगनाथ मंदिर तीसरा और सबसे अहम शिव मंदिर है।
तुंगनाथ मंदिर न सिर्फ पंच केदार मंदिरों में सबसे ऊंचा है, बल्कि यह विश्व का भी सबसे ऊंचा शिव मंदिर है। यह मंदिर 3,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। तुंगनाथ मंदिर का इतिहास महाभारत काल के पांडवों से जुड़ा है। यहां के स्थानीय लोगों की मानें, तो 8वीं शताब्दी के दार्शनिक और संत आदि शंकराचार्य ने मंदिर की खोज की थी। वहीं कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कत्यूरी शासकों ने 8वीं शताब्दी में इस मंदिर का निर्माण किया गया था।
बद्री केदार मंदिर समिति द्वारा उत्तराखंड में स्थित तुंगनाथ मंदिर के खुलने की तारीख तय की जाती है। उत्तराखंड में चार धामों की शुरुआत के साथ तीसरे केदार तुंगनाथ का उद्घाटन होता है। आमतौर पर अप्रैल या मई में वैशाख पंचमी पर यह मंदिर भक्तों के लिए खुल जाता है।
तुंगनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको उत्तराखंड के चोपता आना होगा। चोपता से तुंगनाथ तक का ट्रेक करीब 3.5 किमी का है। हालांकि यह ट्रैक ज्यादा मुश्किल नहीं है, लेकिन इसको आसान भी नहीं कहा जा सकता है। इस ट्रैक के दौरान आपको घास के मैदान और बर्फ से ढके पहाड़ों को देखकर आपका दिल खुश हो जाएगा। चोपता से तुंगनाथ पहुंचने में करीब 2 से 3 घंटे तक का समय लगता है।
उत्तराखंड के चोपता से तुंगनाथ ट्रेक की शुरुआत होती है। ऐसे में आपको सबसे पहले हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचना होगा, फिर वहां से चोपता के लिए बस या टैक्सी करें। या फिर आप उखीमठ से बस ले सकते हैं। उखीमठ से आप लोकल टैक्सी ले सकते हैं। चोपता उत्तराखंड का बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है और इसको भारत का मिनी स्विटजरलैंड भी कहा जाता है।
बता दें कि तुंगनाथ मंदिर पहुंचने के बाद आप केदारनाथ, नंदा देवी, त्रिशूल और चौखंबा की राजसी चोटियों को भी देख सकते हैं। मंदिर तक जाने के बाद अगर आप चंद्रशिला शिखर तक जाना चाहते हैं, तो आपको तुंगनाथ मंदिर से आगे 1.5 किमी जाना होगा। पौराणिक कथाओं के मुताबिक इस शिखर पर भगवान श्रीराम ने ध्यान किया था।
राशिफल 05 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जश्न में फायरिंग पड़ी भारी, बिहार में BJP विधायक को कोर्ट ने सुनाई सजा
गुजरात में पीएम मोदी बोले- सेमीकंडक्टर सेक्टर में दुनिया का भरोसा जीत रहा भारत
चंदौसी: शिक्षिका की मौत के बाद वकील पर FIR, सुसाइड नोट बना अहम सबूत
जनता को जल्द इंसाफ दिलाने की दिशा में बिहार सरकार का अहम निर्णय
जमीन विवाद में गर्भवती महिला पर हमले से दो अजन्मे बच्चों की मौत, इलाके में आक्रोश
बटाला फायरिंग केस: धमकी और गोलियों से दहला इलाका, जांच जारी
कथित चंदा चोरी केस में बड़ा खुलासा: चार्टर्ड प्लेन से सिंडिकेट के आका, ट्रेन से ले जाया गया रामलला का सोना!
मानसून सत्र की तारीखों का ऐलान: 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा संसद का सत्र
क्या कानून बचा सकता है एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर के आरोपी पति को? सुप्रीम कोर्ट ने दिया अहम फैसला
युवक पर जानलेवा हमला, पेट्रोल के बहाने बुलाकर वारदात को दिया अंजाम
पंजाब कांग्रेस में मनीष तिवारी की एंट्री पर विराम, हाईकमान ने लिया बड़ा फैसला
पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी पर गरमाई राजनीति, TVK का बड़ा बयान- 'CM के पैरों पर गिरने से भी नहीं मिलेगी एंट्री'
ऊर्जा सुरक्षा पर PM मोदी का बड़ा दावा: 'युद्ध के बावजूद देश में नहीं आने दिया संकट'
भारत की मानवता को मिला सम्मान: ऑपरेशन अमिस्ताद की वेनेजुएला ने की जमकर तारीफ
सिंगापुर जाने की सोच रहे हैं? जानिए बजट, मौसम और घूमने की खास जगहें
टी20 विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की नजर इतिहास पर, इंग्लैंड करेगा घर में मुकाबला
पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल: TMC चीफ चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सभी पद छोड़े
सुहागरात के बाद छिड़ा विवाद, दुल्हन के आरोपों पर युवक ने मेडिकल जांच की दी चुनौती