सेविंग है बचाव की ढाल, छह महीने का खर्च जमा कर लें अभी
व्यापार : बच्चा तेजी से पहला कदम बढ़ाएगा, स्कूल, पढ़ाई, स्वास्थ्य जरूरतें और भी बहुत कुछ। समय रहते तैयारी करने का मतलब है अपने परिवार का भावनात्मक और वित्तीय भविष्य सुरक्षित करना। आइए जानते हैं कुछ अहम कदम, जो आपको आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ इस नए अध्याय को जीने में मदद करेंगे।
1. घरेलू बजट पर पुनर्विचार: नई हकीकत के अनुसार बदलाव
बच्चे के आने से पहले आपका बजट अलग तरीके से चलता था। अब समय है उसे फिर से देखने का। बच्चे की देखभाल, स्वास्थ्य, जरूरी सामान और रोजमर्रा के खर्च जल्दी ही बढ़ जाते हैं।
बीमा क्षेत्र के जानकार और भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस के चीफ डिस्ट्रिब्यूशन ऑफिसर व पार्टनरशिप डिस्ट्रिब्यूशन और हैड मार्केटिंग नितिन मेहता के अनुसार, कम से कम 1-2 महीने तक खर्चों का हिसाब रखें ताकि पैटर्न समझ सकें और वित्तीय योजना को उसी अनुसार बदलें। यह आंकड़ों पर आधारित दृष्टिकोण आपको बेहतर फैसले लेने और अनावश्यक दबाव घटाने में मदद करेगा।
2. आपातकालीन फंड बनाएं या बढ़ाएं: वित्तीय सुरक्षा कवच
जीवन अनिश्चित है। आपातकालीन फंड अचानक आने वाले खर्च जैसे बीमारी, नौकरी में अस्थिरता या घर की मरम्मत से बचाव करता है। आदर्श रूप से 6–12 महीने का खर्च अलग रखें। अगर आपका मासिक खर्च ₹50,000 है, तो ₹3–6 लाख तक एक सुरक्षित और तुरंत उपलब्ध फंड बनाएं। छोटी शुरुआत भी बड़ा सहारा साबित हो सकती है।
3. बच्चे की शिक्षा के लिए फंड शुरू करें: उनके सपनों में निवेश करें
क्या आप जानते हैं भारत में एक बच्चे को पालने पर करीब 1 करोड़ तक खर्च हो सकता है? इसमें से लगभग 46% खर्च सिर्फ शिक्षा पर होता है। बढ़ती लागत के चलते जल्दी बचत शुरू करना अब विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है। स्कूल से लेकर कॉलेज और आगे तक, जीवन बीमा-आधारित चाइल्ड प्लान्स गारंटीड रिटर्न के साथ शिक्षा और विवाह जैसे अहम पड़ाव सुरक्षित कर सकते हैं। उदाहरण के लिए आज किसी शीर्ष संस्थान से पोस्ट-ग्रेजुएशन की लागत लगभग ₹25–30 लाख है, जबकि एक दशक पहले यह ₹15–20 लाख थी।
4. जीवन बीमा लें या अपग्रेड करें: उनके भविष्य की सुरक्षा
जीवन बीमा सिर्फ एक कागज नहीं, बल्कि आपके बच्चे का सुरक्षा कवच है। पहले से बीमा है? देखें क्या यह बच्चे की शिक्षा और अन्य नए खर्चों के लिए पर्याप्त है। और कवरेज चाहिए? विशेषज्ञ वार्षिक आय का 10–15 गुना कवर लेने की सलाह देते हैं। इसे महंगाई और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तय करें।
5. नामांकन अपडेट रखें: उनके सही भविष्य को सुरक्षित करें
अक्सर नजरअंदाज किया जाने वाला, लेकिन बेहद जरूरी कदम है वित्तीय दस्तावेजों में नामांकन अपडेट करना। बच्चे के जन्म या शादी के बाद सुनिश्चित करें कि आपके जीवनसाथी या बच्चे का नाम सभी निवेश और दस्तावेजों में सही ढंग से दर्ज हो। इससे दावों और संपत्ति हस्तांतरण में कोई कानूनी अड़चन या देरी नहीं होगी।
माता-पिता बनना भावनात्मक रूप से सुखद अनुभव है, लेकिन इसके साथ ही वित्तीय स्पष्टता की भी आवश्यकता है। ये समझदारी भरे कदम सिर्फ बजटिंग के लिए नहीं हैं, बल्कि आपके बच्चे के लिए संभावनाओं से भरा भविष्य बनाने और आपकी मानसिक शांति बनाए रखने के लिए हैं। जितनी जल्दी आप शुरुआत करेंगे, आपके परिवार की वित्तीय सुरक्षा उतनी ही मजबूत होगी।
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (17 फ़रवरी 2026)
मुख्य सचिव ने मंत्रालय महानदी भवन में नवा अंजोर विजन@ 2047 मॉनिटरिंग पोर्टल की समीक्षा की
आधुनिक कृषि यंत्रों एवं उन्नत तकनीक से छत्तीसगढ़ का किसान बन रहे हैं आत्मनिर्भर
चिकित्सकों की सतर्कता से बची प्रसूता की जान,पेरिपार्टम कार्डियक अरेस्ट के बाद सफल इलाज
सायबर पंजीयन कार्यालय से पेपरलेस और कैशलेस प्रक्रिया को मिलेगा प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
पूरक पोषण आहार यूनिट का शुभारंभ
जनजातीय बहुल क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति की ओर सरकार की उल्लेखनीय पहल
कटघोरा वनमंडल की सतर्कता से तेंदुए का सफल रेस्क्यू और शिकारी गिरफ्तार
प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को किया जाए प्रोत्साहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध हथियारों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
विगत दो दिनों में प्रदेश भर में मादक पदार्थ तस्करों पर सख्त कार्रवाई
भारत की प्राचीनतम चिकित्सा विधा "आयुर्वेद" को आगे बढ़ाने की आवश्यकता : मंत्री परमार
आगामी 25 वर्ष में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 22.50 लाख रुपए करने का है लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राहुल गांधी को संसद के कामकाज में कोई रुचि नहीं........वे काम को बाधित करते
आखिर राजपाल यादव को जमानत मिल ही गई, जानिए कितने करोड़ जमा करने पड़े
Mahtari Vandan Yojana: इस जिले में महिलाओं को नहीं मिल रहा महतारी वंदन योजना का पैसा! निगम में की शिकायत
CG News: नई टीम के गठन के बाद बीजेपी संयुक्त मोर्चा की बड़ी बैठक, संगठन को मजबूत करने पर दिया जोर, CM साय भी हुए शामिल