उत्तर कोरिया का आक्रामक रुख, किम ने खोला अमेरिका के खिलाफ मोर्चा
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अब सीधे तौर पर अमेरिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. किम ने पिछले 24 घंटे में 2 ऐसे फैसले किए हैं, जिससे अमेरिका की टेंशन बढ़ सकती है. डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहला मौका है, जब किम जोंग उन अमेरिका के खिलाफ सीधे तौर पर मुखर हो गए हैं.
उत्तरी कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन को अमेरिका का धुर विरोधी माना जाता है. परमाणु संपन्न उत्तर कोरिया के पास मिसाइलों का जखीरा है, जो सीधे अमेरिका पर हमला करने में सक्षम है.
24 घंटे में बैक टू बैक 2 फैसले
1. उत्तर कोरिया के तानाशाह प्रमुख किम जोंग ने रविवार को विजयी दिवस के अवसर पर एक ऐलान किया. किम ने कहा कि पहले भी हमने अमेरिकी सैनिकों को हराया. अब जब भी कभी युद्ध की स्थिति आएगी तो हम अमेरिका से पुरजोर तरीके से लड़ेंगे.
किम जोंग ने कहा कि हम उस तरीके का सैन्य संचालन पर जोर दे रहे हैं, जो अमेरिका के सम्राज्यवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ सके. हम कभी भी सम्राज्यवाद और अमेरिका से जंग नहीं हारेंगे.
अपने सैनिकों को मोटिवेट करते हुए किम जोंग उन ने कहा कि हमारा राज्य और उसके लोग एक मज़बूत सेना के साथ एक समृद्ध देश बनाने के महान उद्देश्य को जरूर हासिल करेंगे.
2. किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने दक्षिण कोरिया के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जो उसने बातचीत को लेकर भेजा था. किम की बहन ने कहा है कि दक्षिण कोरिया से बात करने में हमारी कोई दिलचस्पी नहीं है.
दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति उत्तर कोरिया के साथ कूटनीतिक संवाद चाहते हैं, जिससे दोनों देशों के बीच की खाई को खत्म किया जा सके. दक्षिण कोरिया ने अमेरिका के कहने पर ही यह कवायद शुरू की है.
ऐसे में जिस तरीके से किम जोंग उन की बहन ने इस प्रस्ताव को ठुकराने का फैसला किया है, उससे अमेरिका को झटका लगा है.
उत्तर कोरिया खतरनाक क्यों है?
नागासाकी परमाणु संस्था के मुताबिक उत्तर कोरिया के पास करीब 50 परमाणु हथियार हैं. हालांकि, नॉर्थ कोरिया ने कभी इसे कबूल नहीं किया है. नॉर्थ कोरिया के पास मिसाइलों का जखीरा है.
उसके पास सबसे मजबूत ह्वासोंग-18 मिसाइल है. इसकी मारक क्षमता 15 हजार किमी तक है. नॉर्थ कोरिया हर साल औसतन 80-90 मिसाइलों का परीक्षण कर रहा है.
नॉर्थ कोरिया के पास एमजी टैंक है, जिसका इस्तेमाल उसने कोरिया जंग में किया था. इसके अलावा ड्रोन और अन्य आर्टिलरी मशीन भी उत्तर कोरिया के पास है. उत्तर कोरिया आसानी से अमेरिका पर अटैक कर सकता है.
इतना ही नहीं, प्रायद्वीप में वो अमेरिकी सहयोगी जापान और दक्षिण कोरिया से काफी मजबूत स्थिति में है.
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