मध्य प्रदेश के अविभाजित मंदसौर जिले में मालवा अंचल में भारती जनता पार्टी के बड़े कद्दार नेता का गढ़ है मनासा तहसील के कुकड़ेश्वर गांव में जन्मे स्वर्गीय पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा ने लंबे समय तक मुख्यमंत्री का पद पर अनेक वर्षों तक राज किया और लोगों के दिलों पर उनके कार्य प्रणाली की अमिट छाप आज भी है इसी प्रकार जावद में जन्मे पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री वीरेंद्र कुमार सकलेचा ने मुख्यमंत्री पद को शोभित किया वे कुशल प्रशासक एवं नौकरशाही पर अंकुश रखने वाले और लोक शाही के हितो को साधने वाले कुशाग्रबुद्धि के धनी थे वर्तमान में रामपुरा नगर में जन्मे और छात्र जीवन से अपनी राजनीति करने वाले श्री जगदीश देवड़ा आज प्रदेश के उप मुख्यमंत्री है श्री देवड़ा के पास वित्त मंत्रालय आबकारी मंत्रालय वाणिज्य कर मंत्रालय जैसे अनेक विभाग है श्री देवड़ा भी सुवासरा के विधायक भी रहे भारती जनता मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे पिछड़ा वर्ग के प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भी रहे भारतीय जनता पार्टी एवं केंद्रीय नेतृत्व में इनकी गहरी पकड़ है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से इनके प्रगाढ़ संबंध है इस कारण कभी पंजाब कभी गुजरात का चुनाव प्रभारी बनाया जाता है और ये अपने प्रभार वाले क्षेत्र में पार्टी को विजय बनाकर ही छोड़ते हैं इस करण यह प्रदेश के ही नहीं देश के लोकप्रिय नेता के रुप में उभर रहे हैं आश्चर्य की बात तो यह है की 60 वर्षीय होने के बावजूद भी उनकी शारीरिक फिटनेस और अखाड़ा खेलने की रुचि उप मुख्यमंत्री रहते हुए भी है और पतंग बाजी में भी माहिर है और दूसरों की पतंग काट कर नीचे गिरना में महारत हासिल है गुल्ली डंडे का खेल भी बेखुबि जानते हैं कबड्डी खो-खो खेल के तो वे कप्तान है सरल स्वभाव विनम्रता की धनी कुशल प्रशासक प्रदेश मैं सर्वाधिक दौरे करने वाले और रात दिन जनता की सेवा करने वाले लोकप्रिय उपमुख्यमंत्री है इनकी लोकप्रियता का उदाहरण यह है की मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के एक युवा ने मयंक सेन ने अपने शरीर पर देवड़ा जी का फोटो एवं नाम तक गुधवालिया प्रदेश में सर्वाधिक ऑफिस में घरों में बड़े-बड़े छायाचित्र लगा रखे हैं इनकी कार्य प्रणाली को देखते हुए इन्हें जबलपुर जैसे एवं देवास जिले का प्रभारी मंत्री का दायित्व सौपा है जहां वे बुजुर्गों का सम्मान करते हैं वही युवाओं की पीठ थप थापा कर उनकी हर दृष्टि से मदद करते हैं महिलाओं का अभिनंदन एवं सम्मान करते हैं यह सारे गुण होने के बावजूद भी उन्हें किसी प्रकार का घमंड नहीं है सावन के अंतिम सोमवार को पशुपतिनाथ की शाही सवारी के जुलूस में वे भोपाल से मंदसौर आए और शाही सवारी के जुलुस में भाग लिया और अखाड़े में पूर्ण रूप से तलवार बाजी का भी प्रदर्शन किया अखाड़े में तलवार बाजी ऐसी खेली उन्होंने जिसे आज का युवा खेल रहा हो निष्पक्ष आवाज से तारीका राठौर कि रिपोर्ट मो. 8085637012