रामपुरा 

मेला लगाना नगर पंचायत ग्राम पंचायत जनपद पंचायत और नगर निगम विशेष अधिकार है और यह उसका दायित्व और कर्तव्य भी बनता है ऐसी संविधान में स्पष्ट वाख्या है नगर पंचायत रामपुरा ने गंगा माता शंकु द्वारा मेले मे पशु एवं कृषि मेले के रुप में गांधी सागर डूब क्षेत्र में शंकु द्वारा आने के बाद प्रारंभ किया मेले का उद्देश्य व्यापार व्यवसाय के अलावा उस क्षेत्र की राजनीतिक धार्मिक सांस्कृतिक और विभिन्न क्षेत्रों में रचनात्मक एवं पुरातत्व कि पहचान रेखांकित करने का मूल उद्देश्य है ऐसी स्थिति में नगर परिषद को चाहिए था कि रामपुरा नगर की शैक्षणिक संस्थाएं औद्योगिक प्रशिक्षण क्षेत्र नवोदय विद्यालय के माध्यम से एक-एक प्रदर्शनी और एक-एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए मंच उपलब्ध कराना था जिससे क्षेत्र की शैक्षणिक संस्थाएं अपनी आन बान की प्रस्तुति देती और नगर की प्रतिभाओं को भी प्रस्थान मिलता लेकिन यहां तो नगर पंचायत के धन का खुले आम दुरूपयोग हुआ और रोज नए-नए अश्लील आर्केस्ट्रा पेश की गई थी मध्य प्रदेश शासन के स्पष्ट निर्देश है कि नगर का गौरव दिवस प्रतिवर्ष मनाया जाए और इस भव्य रूप प्रदान करें रामपुरा नगर पंचायत ने इस दिशा में अब तक कोई व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत नहीं की और नहीं गौरव दिवस मनाया गया औपचारिकता जरूर पूर्ण की शहिद बद्री प्रसाद स्मारक पर माल्यार्पण कर अपने कर्तव्य की इति श्री की जबकि होना यह चाहिए था नगर का गौरव दिवस कैसे ऐतिहासिक रूप से मनाया जाए और कैसे इस भव्य रूप प्रदान किया जाए इसके लिए सभी राजनीतिक दलों सभी सामाजिक संगठनो विचार विमर्श कर व्यापक रूप से नगर के गौरव दिवस मनाए जाने की रूपरेखा तैयार किया जाना थी लेकिन दूषित मानसिकता वाली परिषद मैं ऐसे अच्छे विचार और विवेकवान विचार कहां से आए इन्हें तो अश्लील और घटिया आर्केस्ट्रा में ही रचे बसे रहे निष्पक्ष आवाज से तारिका राठौर कि रिपोर्ट मो....8085637012🖊️🖊️🖊️