MP भावांतर योजना: सोयाबीन किसानों को मिलने जा रहे 253 करोड़ रुपये
MP Bhavantar Yojana के तहत मध्य प्रदेश के सोयाबीन किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य के 1.52 लाख किसानों के खातों में कुल 253 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने जा रहे हैं। इससे पहले वह 13 नवंबर को देवास जिले में 1.33 लाख किसानों के लिए 233 करोड़ रुपये की राशि जारी कर चुके हैं। सरकार का यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें सही मूल्य दिलाने के उद्देश्य को और मजबूत करता है।
इसी के तहत 26 नवंबर को इंदौर जिले के गौतमपुरा में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भावांतर योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक किसानों को राशि वितरित करेंगे। कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। अनुमान है कि इस आयोजन में 10 हजार से अधिक किसान शामिल होंगे, जिससे यह किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बन जाएगा।
योजना को प्रभावी बनाने के लिए सरकार हर दिन सोयाबीन का मॉडल रेट जारी कर रही है। मंगलवार, 25 नवंबर को जारी मॉडल रेट 4,277 रुपये प्रति क्विंटल रहा। यह मॉडल रेट उन किसानों पर लागू होता है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी परिसर में बेची है। भावांतर की गणना इसी मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर के आधार पर की जाती है। किसानों को यह अंतर राशि राज्य सरकार की ओर से सीधे खातों में दी जा रही है।
राशिफल 9 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
रेवती की बहादुरी से खुला राज, 9 पुलिसकर्मियों को हत्या के लिए फांसी की सजा
केरल में कल वोटिंग, चुनाव के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार
भारतीय रेलवे का बड़ा अपडेट: नागपुर में काम, कई ट्रेनें रहेंगी प्रभावित
उमरेठ उपचुनाव से AAP ने किया किनारा, बड़ा राजनीतिक फैसला
किसानों को बड़ी राहत, 41,534 करोड़ रुपये की खाद सब्सिडी मंजूर
भोपाल में क्राइम ब्रांच का छापा, स्विफ्ट डिजायर में भरकर ले जा रहा था अवैध शराब
न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में भारत की बड़ी कामयाबी, एडवांस रिएक्टर ने रचा इतिहास
अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति का हवाला दिया
राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह सक्रिय
जबलपुर में गूंजा किसान मुद्दा, मोहन यादव ने खोला घोषणाओं का पिटारा
महंगाई (इंफ्लेशन) और GDP ग्रोथ पर विस्तार से चर्चा
अचानक आए झटकों से दहशत, घरों से बाहर निकले लोग
जाम से निजात नहीं, चालान काटने पर ज्यादा ध्यान—उठे सवाल
पहाड़ों में सर्दी का कहर, केदारनाथ और यमुनोत्री धाम बर्फ़ से ढके
आजीविका के लिए प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है