हमास ने चार इजरायली महिलाओं को रिहा करने का किया ऐलान
हमास ने गाजा युद्धविराम समझौते के तहत शनिवार को रिहा किए जाने वाले चार इजरायली बंधकों के नामों की घोषणा की है। इज्जेल्डीन अल-कसम ब्रिगेड के प्रवक्ता अबू उबैदा ने कहा कि करीना अरिएव, डेनिएला गिल्बोआ, नामा लेवी और लिरी अलबाग मुक्त होने वाले अगले बंधक होंगे। इजरायल द्वारा कैद या हिरासत में लिए गए दर्जनों फलस्तीनियों की रिहाई के बदले इन चारों बंधकों को शनिवार को रिहा किया जाना है।
सभी बंदियों की रिहाई होगी
हमास की ओर से बंधक बनाए गए लोगों के रिश्तेदारों ने शुक्रवार को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि शेष सभी बंदियों की रिहाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी उनकी रिहाई के लिए दबाव जारी रखने की अपील की।
हमास ने अबतक यह जानकारी नहीं दी है कि कितने बंदी अब भी जीवित हैं या मरने वालों के नाम क्या हैं। ऐलेट समेरानो का बेटा योनातन समेरानो अब भी बंधकों के कब्जे में है।
अभी और बंधक हमास की कैद में
उन्होंने कहा कि प्रिय राष्ट्रपति ट्रंप सबसे पहले हम इस सप्ताह महसूस किए गए सुखद क्षणों के लिए आपको धन्यवाद देना चाहते हैं। लेकिन हम बताना चाहते हैं कि अब भी 94 बंधक हैं, हमें घर पर उन सभी की जरूरत है। कृपया न रुकें। दबाव बनाना जारी रखें और वह सब कुछ करें जिससे बंधक तुरंत घर आ जाएं। युद्धविराम समझौते के पहले चरण में इजरायल द्वारा बंदी बनाए गए सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों के बदले 33 बंधकों को रिहा किए जाने की उम्मीद है।
इजरायल ने अपने एक शहर का नाम बदलकर ट्रंप वन रखा
यहूदिया के एक इजरायली शहर माले अदुमीम के मेयर ने बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सम्मान में नगरपालिका के एक महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्र का नाम बदलकर 'टंप वन' (टी1) रखने की घोषणा की।
मेयर गुय यिफ्राच ने कहा कि ट्रंप का दूसरा कार्यकाल खासतौर से यहूदिया और समारिआ में यहूदी समुदाय को शक्तिशाली बनाने का अनोखा अवसर है। हम ट्रंप पर भरोसा करते हैं और विश्वास है कि आने वाले महीनों में वह क्षेत्र में निर्माण प्रोत्साहित करेंगे।
4000 एकड़ के इस क्षेत्र को पहले ई1 या मेवासेरेट अदुमीम के नाम से जाना जाता था। इजरायली प्रशासनिक और सुरक्षा क्षेत्राधिकार वाले इस क्षेत्र में आवास की कमी दूर करने के लिए 3000 से अधिक घरों का निर्माण कराया जाना था, लेकिन बाइडन प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय विरोध के कारण निर्माण नहीं हो पाया है।
ट्रंप के नाम पर एक गोलान कम्युनिटी भी है। 2019 में ट्रंप द्वारा गोलाना हाइट्स पर इजरायल के अधिकार को मान्यता दिए जाने के बाद इजरायल ने उनके सम्मान में कम्युनिटी का नाम रमत ट्रंप रखा था।
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