फलस्तीनी कैदियों की रिहाई में देरी के बाद हमास का इजरायल पर गुस्सा
यरुशलम। इजराइल ने गुरुवार को 110 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करना शुरू कर दिया, इससे पहले दिन में गाजा पट्टी में आठ बंधकों को उग्रवादियों द्वारा मुक्त कर दिया गया था। इजरायल ने फलस्तीनी कैदियों की रिहाई देर से शुरू की, जिसको लेकर हमास ने आपत्ति जताई थी।
रेडक्रास पर हजारों हथियारबंद लड़ाकों की मौजूदगी
इजरायल ने हजारों हथियारबंद लड़ाकों की मौजूदगी और उनके उत्तेजक-कोलाहलपूर्ण आचरण पर आपत्ति जताई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस माहौल पर मध्यस्थों का ध्यान आकर्षित किया है। जिन इजरायली बंधकों को गुरुवार को रिहा किया गया उनमें शामिल 29 वर्षीय आर्बेल येहुद को सात अक्टूबर, 2023 को इजरायल के किबुज नीर ओज शहर से अगवा किया गया था।
हजारों लड़ाकों के बीच से चोटिल येहुद बड़ी मुश्किल से पैदल चलकर रेडक्रास के अधिकारियों के पास आ पाईं। उनके साथ 80 वर्ष के गाजी मोसेस को भी हमास ने छोड़ा है। तीसरी बंधक इजरायली सैनिक अगम बर्जर हैं। रिहा किए गए थाइलैंड के पांच नागरिक गाजा के नजदीक इजरायली नागरिकों के खेतों में काम करते थे, वहीं से उन्हें अगवा किया गया था।
पांच थाई बंधकों को रेडक्रास को सौंप दिया
गाजा के खान यूनिस शहर में गुरुवार को हमास ने तीन इजरायली बंधकों और पांच थाई बंधकों को रेडक्रास को सौंप दिया। लेकिन बदले में 110 फलस्तीनी कैदियों की रिहाई देर से शुरू हो पाई है। इजरायल ने हजारों हथियारबंद लड़ाकों की मौजूदगी और उनके उत्तेजक-कोलाहलपूर्ण आचरण पर आपत्ति जताई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस माहौल पर मध्यस्थों का ध्यान आकर्षित किया है।
खान यूनिस में जो माहौल बंधकों को डराने वाला था
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि बंधकों की रिहाई के समय खान यूनिस में जो माहौल था वह स्तब्ध करने वाला और बंधकों को डराने वाला था। उन्होंने मध्यस्थों से अनुरोध किया है कि भविष्य में होने वाली बंधकों की रिहाई के समय गाजा में हमास की ओर से ऐसा माहौल नहीं बनाया जाना चाहिए। इस बाबत ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही फलस्तीनी बंधकों की रिहाई होगी।
रिहा किए गए कैदियों में 30 ऐसे हैं जो इजरायलियों के खिलाफ घातक हमलों के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। कुछ को कब्जे वाले पश्चिमी तट पर लौटने की अनुमति दी गई है, जबकि अधिक गंभीर अपराधों के लिए दोषी ठहराए गए लोगों को निर्वासन से पहले मिस्र स्थानांतरित किया जा रहा है।
देर से शुरू हुई फलस्तीनी कैदियों की रिहाई
उनकी रिहाई गुरुवार (30 जनवरी, 2025) को देर से शुरू हुई, जब गाजा में आतंकवादियों ने तीन इजरायली और पांच थाई नागरिकों को रिहा कर दिया, जो 15 महीने से अधिक समय पहले बंधक बनाए जाने के समय दक्षिणी इजरायल में खेतों पर काम कर रहे थे। गाजा में बने माहौल के बाद वापस जेल भेज दी गईं। इजरायली सेना और हमास के बीच चले 15 महीने से ज्यादा के युद्ध के बाद गाजा में युद्धविराम हुआ है और समझौते के तहत बंधकों और कैदियों की रिहाई हो रही है।
राशिफल 05 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जश्न में फायरिंग पड़ी भारी, बिहार में BJP विधायक को कोर्ट ने सुनाई सजा
गुजरात में पीएम मोदी बोले- सेमीकंडक्टर सेक्टर में दुनिया का भरोसा जीत रहा भारत
चंदौसी: शिक्षिका की मौत के बाद वकील पर FIR, सुसाइड नोट बना अहम सबूत
जनता को जल्द इंसाफ दिलाने की दिशा में बिहार सरकार का अहम निर्णय
जमीन विवाद में गर्भवती महिला पर हमले से दो अजन्मे बच्चों की मौत, इलाके में आक्रोश
बटाला फायरिंग केस: धमकी और गोलियों से दहला इलाका, जांच जारी
कथित चंदा चोरी केस में बड़ा खुलासा: चार्टर्ड प्लेन से सिंडिकेट के आका, ट्रेन से ले जाया गया रामलला का सोना!
मानसून सत्र की तारीखों का ऐलान: 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा संसद का सत्र
क्या कानून बचा सकता है एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर के आरोपी पति को? सुप्रीम कोर्ट ने दिया अहम फैसला
युवक पर जानलेवा हमला, पेट्रोल के बहाने बुलाकर वारदात को दिया अंजाम
पंजाब कांग्रेस में मनीष तिवारी की एंट्री पर विराम, हाईकमान ने लिया बड़ा फैसला
पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी पर गरमाई राजनीति, TVK का बड़ा बयान- 'CM के पैरों पर गिरने से भी नहीं मिलेगी एंट्री'
ऊर्जा सुरक्षा पर PM मोदी का बड़ा दावा: 'युद्ध के बावजूद देश में नहीं आने दिया संकट'
भारत की मानवता को मिला सम्मान: ऑपरेशन अमिस्ताद की वेनेजुएला ने की जमकर तारीफ
सिंगापुर जाने की सोच रहे हैं? जानिए बजट, मौसम और घूमने की खास जगहें