चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, मध्य प्रदेश के अधिकारी बने ऑब्जर्वर
भोपाल|देश के विभिन्न राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के लिए मध्य प्रदेश कैडर के 40 भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों को चुनावी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अधिकारियों को चुनाव आयोग द्वारा अलग-अलग राज्यों में प्रेक्षक (ऑब्जर्वर) के रूप में तैनात किया गया है। इससे प्रदेश सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों के कामकाज पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के कई वरिष्ठ और अनुभवी आईएएस अधिकारियों को चुनावी प्रक्रिया की निगरानी के लिए तैनात किया गया है। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी चुनावी व्यवस्थाओं की समीक्षा करना, निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर नजर रखना होगी जिन राज्यों में इन अधिकारियों को प्रेक्षक बनाया गया है, उनमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू, केरला, पुडुचेंरी और आसाम शामिल हैं। इन राज्यों में चुनावी प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करने के लिए अनुभवी अधिकारियों की तैनाती की गई है। मध्य प्रदेश से जिन अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है, उनमें प्रमुख रूप से प्रमुख सचिव संदीप यादव, जॉन किंग्सले, श्रीमन शुक्ला, स्वतंत्र कुमार सिंह, शिल्पा गुप्ता, सिबी चक्रवर्ती, अजय कटसेरिया, निधि निवेदिता, रोहित सिंह और अनुराग वर्मा के नाम शामिल हैं। इसके अलावा राहुल फटिंग हरिदास, दीपक आर्य, हरहिका सिंह, आशीष भार्गव, अभिजीत अग्रवाल, दिलीप कुमार, वंदना वैद्य, सपना निगम, केवीएस चौधरी, मनीष सिंह, प्रबल सिपाहा, सौरव सुमन, अवि प्रसाद, सतेंद्र सिंह और बुद्धेश वैद्य सहित अन्य अधिकारी भी चुनाव ड्यूटी पर भेजे गए हैं।सूत्रों के अनुसार सूची जारी होने के बाद कुछ अधिकारियों ने अपनी चुनावी ड्यूटी निरस्त कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी। हालांकि अंतिम निर्णय चुनाव आयोग के स्तर पर ही लिया जाएगा। वहीं, यह भी चर्चा है कि इनमें कई अधिकारी राज्य सरकार के महत्वपूर्ण विभागों में कार्यरत हैं। ऐसे में उनके चुनावी ड्यूटी पर जाने से विभागीय कामकाज की गति कुछ समय के लिए प्रभावित हो सकती है।
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