कड़ी वीजा और इमिग्रेशन नीतियों से ब्रिटेन की लोकप्रियता में गिरावट
लंदन। अमेरिका की तरह अब ब्रिटेन भी अपनी कड़ी वीजा और इमिग्रेशन नीतियों की वजह से भारतीय छात्रों और वर्कर्स के बीच लोकप्रियता खोता जा रहा है। लंबे समय से भारतीय छात्र के लिए अमेरिका व ब्रिटेन जैसे देश शिक्षा और नौकरी के लिए पहली पसंद है, लेकिन हाल के आंकड़े बताते हैं कि बदलती परिस्थितियों और सख्त नियमों ने इनकी रुचि कम कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट में ब्रिटिश गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2023 में भारतीय वर्कर्स को सबसे ज्यादा 1,62,655 वर्क वीजा जारी किए गए थे, लेकिन 2024 में इनकी संख्या घटकर केवल 81,463 रह गई, यानी करीब 50 फीसदी की गिरावट। हेल्थ एंड केयर वर्कर कैटेगरी में सबसे ज्यादा कमी दर्ज की गई है। वहीं, स्किल्ड वर्कर वीजा में भी बड़ी गिरावट आई। कुल जारी किए गए वर्क वीजा में 2024 में भारतीयों का हिस्सा केवल 22 फीसदी ही रहा है।
यही हाल भारतीय छात्रों के साथ भी है। 2023 में 1,59,371 छात्र वीजा भारतीयों को जारी किए थे, लेकिन 2024 में यह संख्या सिर्फ 92,355 रह गई। यह 42 फीसदी की गिरावट दर्शाती है। इसके पीछे कई कारण हैं। ब्रिटेन ने इमिग्रेशन सिस्टम को सख्त बनाने नीतिगत बदलाव किए हैं। स्किल्ड वर्कर वीजा के लिए न्यूनतम सैलरी सीमा 38,700 पाउंड से बढ़ाकर 41,700 पाउंड कर दी है। जनवरी 2024 से लागू नए नियमों के चलते छात्र अब अपने जीवनसाथी और बच्चों को आसानी से साथ नहीं ला पा रहे हैं। दिसंबर 2023 से जुलाई 2025 के बीच डिपेंडेंट वीजा में 86 फीसदी की गिरावट आई।
हेल्थ एंड केयर वर्कर्स के लिए भी हालात मुश्किल हैं। जुलाई 2025 से विदेशी भर्ती पर प्रतिबंध और कंपनियों की सख्त जांच के चलते आवेदनों में भारी कमी आई। छात्रों के लिए वर्क वीजा की अवधि भी घटाकर 18 महीने कर दी गई है, जो पहले दो साल की हुआ करती थी। विशेषज्ञों का मानना है कि ये नीतियां ब्रिटेन के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं, क्योंकि भारतीय वर्कर्स और छात्र यहां की अर्थव्यवस्था और यूनिवर्सिटीज दोनों में अहम योगदान देते हैं। बदलते हालातों की वजह से भारतीय अब जर्मनी जैसे अन्य यूरोपीय देशों का रुख कर रहे हैं, जो ब्रिटेन की शिक्षा और रोजगार प्रणाली के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।
TMC कार्यालय में जवानों के कैरम खेलने पर गिरी थी गाज
सह-मीडिया प्रभारी पद पर पवन दुबे की नियुक्ति, कार्यकर्ताओं में उत्साह
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने होर्मुज पर सरकार की नीतियों का समर्थन किया
भाजपा ने जारी की 27 प्रत्याशियों की सूची, पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई को नहीं मिला टिकट
वकील को बनाया ऑनलाइन ठगी का शिकार, आरोपी पकड़ाया
PM मोदी बोले- जनता चाहती है बदलाव, केरल में कांग्रेस पर बड़ा वार
रायपुर, बिलासपुर और गोंदिया रूट की ट्रेन सेवा फिर शुरू
चीन पर टेक्नोलॉजी नकेल, US ने पेश किया MATCH एक्ट
मिडिल ईस्ट तनाव बढ़ा: कुवैत की तेल रिफाइनरी फिर बनी निशाना
सिलेंडर संकट में धोखा, एजेंसी कर्मचारी 30 गैस सिलेंडर लेकर भागा
राहुल गांधी पर भाजपा का तंज, बयान पर मचा बवाल
खौफनाक हादसा, गले के आर-पार सरिया; सर्जरी से बची जान
आईपीएल विवाद: ललित मोदी ने BCCI से की बड़ी मांग
मंटुरोव की भारत यात्रा: कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत
डेढ़ लाख शिक्षकों को फायदा, चौथी क्रमोन्नति का आदेश जारी
माता के दरबार में वर्दीधारी का भक्ति भाव, लोगों ने सराहा
AIMIM की पहली लिस्ट सामने: 12 उम्मीदवारों के नाम और सीटें तय
AAP नेता राघव चड्ढा बोले, खामोशी के बावजूद नहीं मानी हार
देसी और हाइब्रिड खीरे में क्या अंतर, कौन ज्यादा फायदेमंद