रामपुरा यदि आपको बिना हवाई जहाज के हवा में उड़ने का अनुभव लेना हो, तो रामपुरा नगर की सड़कों पर एक चक्कर लगा लीजिए। हर गड्ढा आपकी गाड़ी को ऐसी छलांग लगवाता है कि कुछ पल के लिए लगता है मानो धरती से रिश्ता टूट गया हो। यहां के लोग पिछले छह वर्षों से मुफ्त में "एडवेंचर राइड" का आनंद ले रहे हैं।

नगर की हालत ऐसी है कि सड़कें गड्ढों में समा गई हैं और गड्ढे विकास की कहानी सुनाते नजर आते हैं। शायद यही वजह है कि रामपुरा को "गड्ढों का नगर" कहने में अब किसी को संकोच नहीं होता।

 गंगा माता शखोद्वार मेले के आध्यात्मिक मैदान पर आयोजित कार्यक्रम मे रामपुरा के सपूत्र उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, पूर्व केंद्रीय श्रम मंत्री श्री सत्यनारायण जटिया और क्षेत्रीय विधायक श्री माधव मारू की मौजूदगी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नगर की सड़कों के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। घोषणा हुई, तालियां बजीं, फोटो खिंचे... लेकिन सड़कें आज भी उसी इंतजार में हैं कि शायद कोई बुलडोजर उनका पता पूछता हुआ आ जाए।

अब 20 जुलाई को दोपहर 12 बजे जिला कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक होने जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में कम से कम गड्ढों की भी सुनवाई हो जाए, क्योंकि वर्षों से तो आम जनता की सुनवाई नहीं हुई।

'निष्पक्ष आवाज' मांग करती है कि रामपुरा की सड़कों को केवल घोषणाओं का सहारा न बनाया जाए। जनता अब भाषणों से नहीं, डामर से विकास देखना चाहती है।फिलहाल तो रामपुरा की जनता यही कह रही है—

"जब हर गड्ढा हमें आसमान दिखा ही देता है, तो फिर हवाई सफर का खर्चा क्यों करें?"निष्पक्ष आवाज से तारिका राठौर कि रिपोर्ट मो. 8085637012🖊️🖊️🖊️🖊️