रामपुरा 

वैसे तो लंबे समय से बहुत चर्चित चर्चा का विषय था कि कांग्रेस के सम्राट दीक्षित अति शीघ्र भाजपा का दामन थामेंगे यह कोई राजनीतिक समीक्षाको के अनुसार कोई अप्राशित घटना नहीं है यह तो एक पूर्व नियोजित योजना है बीते नगर पंचायत के चुनाव में नगर परिषद कांग्रेस की बनाई जा सकती थी इसके स्पष्ट समीकरण थे लेकिन भाजपा का दामन थामने के ललाईत तथाकथित नेता ने भाजपा का दामन थाम के सौदेबाजी की और कांग्रेस कि परिषद बनने से रोका गया तब से यह स्पष्ट रूप से तय हो गया था की भाई सम्राट दीक्षित आगामी दिनों में भाजपा का दामन थामेंगे उनकी चाल चरित्र और चेहरे पर स्पष्ट झलक दिखाई दे रही थी और कांग्रेस के कार्यकर्ता भी इसे भलिभाती समझ रहे थे और अंततः 12 अप्रैल को विधायक माधव मारू जिला भाजपा अध्यक्ष महोदया श्री वंदना खंडेलवाल जिला प्रभारी सुभाष पटेल जिला महामंत्री नरेंद्र मालवीय मंडल अध्यक्ष गोपाल गुर्जर श्रीमती टीना चंदन देवड़ा और भाजपा के वरिष्ठ नेता राकेश जैन की उपस्थिति में सम्राट दीक्षित का भाजपा विधिवत रूप से सदस्यता ग्रहण समारोह संपन्न हो गया सन 1990 में सम्राट दीक्षित के पिता स्वर्गीय श्री सुरेश प्रसाद दीक्षित बाबूजी को भी पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री सुंदर लाल जी पटवा ने भाजपा में सदस्यता ग्रहण कराई थी लेकिन वह कुछ समय तक भाजपा में सकिय रहे और पुनः कांग्रेस में लौट गए श्री पटवा के भतीजे मनासा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी मंगल पटवा जो कि पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल जी पटवा भतीजे थे उन्हें पराजित करने में अपनी भूमिका निभाई दीक्षित परिवार की आया राम गया राम की राजनीति पृष्ठभूमि से क्षेत्र की जनता भली भाती परिचित है भाजपा यह मानती है की सम्राट दीक्षित के भाजपा में जाने से कांग्रेस को करारा झटका लगा लेकिन कांग्रेस के मैदानी और सक्रिय कार्यकर्ता सम्राट दीक्षित के इस कदम की सहरा ना कर रहे हैं और कांग्रेस के शुद्धिकरण का एक ऐतिहासिक कदम बता रहे हैं कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता क्या जिला कांग्रेस का एक ऐतिहासिक सम्मेलन रामपुरा नगर में आयोजित कांग्रेस शुद्धिकरण का महायज्ञ आयोजित करने ‌का आमंत्रण भेजेगे सम्राट दीक्षित का कांग्रेस से जाना कांग्रेस की शुद्ध का श्री गणेश माना जा रहा है निष्पक्ष आवाज से तारिका राठौर कि रिपोर्ट मो 8085637012.....🖊️🖊️🖊️🖊️