रामपुरा 

पर्यावरण संरक्षण एवं सवंर्धन योजना के अंतर्गत बड़ा तालाब का चयन किया गया और इस चयनित तालाब पर पर्यावरण एवं सवंर्धन योजना के नाम पर तालाब के केचमेंट एरिया 2.25 वर्ग एकड़ के क्षेत्र में 61.97 लाख रुपए खर्च किए गए यहां यह बताना अत्यंत आवश्यक हो गया है कि इस तालाब के जिर्णोद्धार के लिए प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं लेखक प्रोफेसर डॉ आर पी गुप्ता दीवान मोती सिंह चंद्रावत श्री निर्मल कुमार पोखरना और श्री प्रकाश कर्णिक की अगवाई में संपूर्ण रामपुरा नगर से चंदा एकत्रित तालाब में स्थित सभी घाटों की मरम्मत कराई गई थी और तालाब में रिसाव को बंद किया गया था तथा इसका सौंदर्यीकरण किया गया था उसके बाद इस योजना के अंतर्गत 61.97 लाख रुपए खर्च किए गए इस खर्च की उपलब्धता यह है की तालाब का केचमेंट एरिया कम किया गया और जिसके परिणाम स्वरूप प्रतिवर्ष जलझूलनी ग्यारस जो रमणीय दृश्य आम नागरिकों को दिखाई देता था वह विगत 3 वर्षों से दिखाई देना बंद हो गया है और भगवान के रथ को झुलाई जाने की समस्या खड़ी हो गई है कैचमेंट एरिया कम कर उपरोक्त परेशानी तो नगर पंचायत ने खड़ी की है वही केचमेंट एरिया कम कर पर्यावरण संरक्षण गार्डन का निर्माण किया गया जिसमें व्यायाम करने योग्य सामग्री लगाई गई जिसका उपयोग शहर की नागर्णय जनता कर रही है यदि पर्यावरण संरक्षण एवं सवंर्धन योजना का सदपयोग ही किया जाना था तो नगर के मध्य स्थित जाम सागर उर्फ छोटा तालाब का उपयोग किया जाता तो इस शहर की सौंदर्यता को चार चांद लग जाते लेकिन जहां उद्देश्य भ्रष्टाचार का हो वहाॅ नगर विकास और नगर की सौंदर्यता का कैसे ध्यान रखा जा सकता निष्पक्ष आवाज पाठकों से निवेदन करता है छोटे तालाब और बड़े तालाब का एक बार भ्रमण कर निष्पक्ष आवाज द्वारा प्रकाशित इस समाचार निष्पक्षता कि भी पुष्टि करें और अपने विचारों से निष्पक्ष आवाज को अवगत कराएं निष्पक्ष आवाज से तारिका राठौर कि रिपोर्ट मो ...8085637012🖊️🖊️🖊️🖊️🖊️🖊️