रामपुरा 

करोड़ों की जल आवर्धन योजना भाजपा शासन काल में स्वीकृत हुई और पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री कैलाश चावला के नेतृत्व में रामपुरा नगर में इस जल आवर्धन योजना की पाइपलाइन बिछाने का कार्य हुआ संपूर्ण करोड़ों की यह योजना पूर्ण रूप से भ्रष्टाचार की बलि चढ़ गई पर राजनीतिज्ञों कि कुटिल चाल और सत्ता का दुरूपयोग भी इसमें स्पष्ट रूप से दिखाई देता है लोकायुक्त ने प्रकरण दर्ज किया और तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष हटाया लेकिन मध्य प्रदेश लोकायुक्त ने अब तक न्यायालय में प्रकरण पेश नहीं किया और उच्च स्तर पर इस प्रकरण को दबाने पर लगातार प्रयास किए जाते रहे है और किया जा रहे हैं बंद पड़ी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी इस योजना का पार्षदों के विरोध के बावजूद सीमा जितेंद्र जागीदार की इस परिषद ने भुगतान कर अपने आप को गौरांवित महसूस किया और सत्ता के दलालों ने सीमा जितेंद्र जागीदार की पीठ भी थपथपाई लेकिन नगरी प्रशासन विकास विभाग भोपाल द्वारा अधिकृत रूप से एक आदेश जारी किया जिसमें प्रभारी सीएमओ एवं लेखपाल लीला कृष्ण सोलंकी को 9 लाख 25 हजार 385 रुपए एवं उपयंत्री ओपी परमार पर भी 9 लाख 25 हजार 385 रुपए एवं दो वर्ष तक पेंशन राशि रोकने का निर्णय लिया गया और दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया इस कार्यवाही से ऐसा लगता है की लोक आयुक्त की कार्रवाई में नगरी प्रशासन विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर लोका आयुक्त की गाज नहीं पड़े ऐसे प्रयास किए गए हैं लोकायुक्त ने न्यायालय में अब तक आरोप पत्र क्यों पेश नहीं किया यह मनासा विधानसभा क्षेत्र में ही नहीं पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है निष्पक्ष आवाज से तारिका राठोर कि रिपोर्ट मो🖊️🖊️🖊️ ...8085637012