रामपुरा के प्राचीनतम उद्योग और व्यापार प्राचीनतम हिस्ट्री से आज के व्यापार व्यवसाय का आकलन कीजिए कहा खड़े हैं हम
चंद्रावत राजवंश के द्वारा कृषि की उन्नति पर भी पूरा ध्यान दिया गया था यहां नील की खेती बहुतायत से होती थी नील मिश्रित विविध किस्म के पक्के रंगों में छींटों की इतनी सुंदर रंगोली और छपाई होती थी कि वह भारत के बाहर भी प्रसिद्ध थी तुर्की स्थान तक यहां के व्यापारी अपना माल ले जाते हैं और नगर की समृद्धि के कारण होते थे अफीम गाना अंगूर अन्य सुगंधित फूल तथा खाने के पान देसी मूल्यवान फैसले यहां बहुतायत से होती थी अंगूर की फसल वर्ष में तीन बार होती थी चंबल के खरबूजे यहां से बड़ी संख्या में दिल्ली भेजे जाते थे और सम्राटों की शोभा बढ़ाते थे जंगलों में लाख की पैदावार बहुतायत से होती थी जिससे रामपुरा वन लाख के चूड़े दूर-दूर तक भेजे जाते और कुललनाप्रो की कलाइयों की शोभा बढ़ाते थे आज भी यह नगर लाख की वस्तुओं के निर्माण में प्रसिद्ध है किंतु नवलाख की पैदावार बंद हो जाने से वह बाहर से आती है हाथ उद्योग में खादी यहां का बहुत ही व्यापक और सबसे प्रसिद्ध रहा है यहां का बड़ा बाजार खादी के कारण ही बड़ा बाजार कहा गया प्रातः 6:00 बजे यह बाजार भर जाता था जिसमें कपास रुई सूत खादी का लेनदेन होता था यह बड़ा बाजार खादी के क्रय विक्रय का नगर व्यापी केंद्र था यहां के सैकड़ो परिवार कच्चा माल ले जाते और प्रतिष्ठा पूर्वक अपनी श्रजीविका चलाते यहां का माण माणक चौक और सिंघाड़ा गली विविध प्रकार के बहुमूल्य मणिक सामग्री के क्रय विक्रय केंद्र थे हाथी दांत की चूड़ियां चित्रकला आदि के लिए बिहार नगर बहुत प्रसिद्ध था यहां के मंदिरों में प्रस्तुत कला आज भी चकीत करती है कल्याराव मंदिर जगदीश मंदिर सासू मां की बावड़ी लक्ष्मी नारायण का मंदिर आदि में पत्थरों पर कोरी गई मूर्तियों चित्र इनके जलंत प्रमाण है इन्हें देखकर कोई भी पुरातत्व आश्चर्य चकित हुएं बिना ना रहेगा नगर की रक्षा हेतु चारों ओर पर कोटा बनाया गया था सिहदार भी लगाए गए थे वे यहां के प्राचीन वैभव और कला के जीवित स्मारक थे जो आज स्वार्थी लोगों ने शेरकोट की दीवाल को ही नष्ट कर दिया है यह प्राचीनतम धरोहर को नष्ट करने का स्पष्ट प्रमाण दिखाई देते हैं 1300से 1700 तक लगभग 400 वर्ष चंद्रावत राजवंश का यहां शासन रहा प्राचीनतम काल में प्रचलित व्यापार व्यवसाय में यह नगर प्रसिद्ध रहा है लेकिन आज की स्थिति दहंनी है इसका मूल कारण अपने स्वार्थ के लिए सार्वजनिक हित को नहीं देखना और अवैध रूप से लाभ कमाना के लिए शहर की पर कोट भी तोड़ दी गई निष्पक्ष आवाज से तारीका राठौर कि रिपोर्ट मो ..8085637012
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