रामपुरा 

ऐसा लगता है रामपुरा नगर के जनप्रतिनिधियों और जवाबदार लोगों कि अकल का दीवाला निकल गया है यही कारण है कि नगर परिषद को 13 मार्च को एक बैठक आयोजित किए जाने का सूचना पत्र जारी किया गया था प्रस्तावित इस बैठक में ऐसे विषय का समावेश किया था जो नगर में सर्वत्र चर्चा का विषय तो बना ही है परिषद के जनप्रतिनिधि के अकल के दीवाले का प्रत्यक्ष प्रमाण भी दे रहे हैं यूआईडीएसएसएमटी पेयजल योजना अंतर्गत अंतिम देयक भुगतान के संबंध में इस विषय को लेकर नगर में विभिन्न-विभिन्न चर्चाओं का दौर चालू है और चौराहे चौराहे पर नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों की अकल के दीवालेपन कि चर्चा हो रही है क्योंकि यह सर्व विधिर्त तथ्य है यूआईडीएसएसएमडी पेयजल योजना अंतर्गत अंतिम देयक भुगतान के संबंध में चर्चा का कोई औचित्य नहीं क्योंकि उक्त योजना के तहत नगर में क्रियावित कि गई करोड रुपए की नल जल योजना पूर्ण रूप से विफल होकर नगर पंचायत एवं नगरी प्रशासन विकास विभाग के अधिकारियों की भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाने के कारण संपूर्ण रूप से योजना विफल हो गई है और नगर परिषद में इसे अपने अधिकार क्षेत्र में भी नहीं लिया है पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष यशवंत करेल की प्रमाणिक तथ्यों के साथ शपथ पत्र पर कि गई शिकायत के आधार पर अपराध क्रमांक 123/2020धारा-7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 10 वा संशोधन 2018 एवं धारा 120 बी पंजीकृत किया जाकर प्रकरण न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया को मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने अपने चहते को बचाने के लिए करोड़ों के हुए भ्रष्टाचार में अपनी भागीदारी तय कर न्यायालय में अब तक चालान पेश नहीं किया गया है इस संबंध में शिकायतकर्ता ने सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली में याचिका दायर कर दी है जल आवर्धन योजना मे हुए भारी भ्रष्टाचार के कारण नगर परिषद रामपुरा द्वारा संकल्प 4 दिनांक 26/ 9 /2022 एवं संकल्प क्रमांक 87 दिनांक 22/2/23/ को उक्त ठेकेदार की समस्त राशि राजसात करते हुए ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने हेतु शासन को प्रस्ताव भेज कर ब्लैक लिस्ट करने का निर्णय पारित किया जा चुका है यह समूची स्थिति नगर परिषद रामपुरा के दस्तावेजों में दर्ज है इसके बावजूद भी इस जल आवर्धन योजना का भुगतान किए जाने का प्रस्ताव पर विचार करने हेतु कल 13 मार्च शुक्रवार को बैठक बुलाई गई थी लेकिन जल आवर्धन योजना के भ्रष्टाचार की चर्चा और प्रामाणिक तथ्य सार्वजनिक होने के कारण मजबूरन नगर परिषद रामपुरा 13 मार्च को होने वाली यह प्रस्तावित बैठक महिला पार्षद के दशादशम का वृत होने एवं पूजा उपवास में व्यस्त होने के करण आयोजित बैठक को निरस्त करना पड़ी इस विषय को शामिल किया जाना ही न्यायालय एवं शासन के साथ स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी कर रामपुरा नगर की जनता जनार्धन के साथ स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी है विधि विषय विशेषज्ञों की जानकारी के अनुसार इस प्रस्ताव पर सहमति देने वाले सभी पार्षद और अधिकारी भविष्य में न्यायालय के कटधरे में खड़े होंगे भारतीय दंड विधान की धारा 420 के अपराधी बनेंगे इस तथ्य से इनकार नहीं किया जा सकता है निष्पक्ष आवाज से तारिका राठौर कि रिपोर्ट मो ...8085637012🖊️🖊️🖊️🖊️