रामपुरा 

नीमच और मंदसौर जिले में 44 हजार हेक्टर क्षेत्र में फेले गांधी सागर बांध में मत्स्याखेट का ठेका निरस्त होने के कारण 22 मत्स्याखेट समितियों के लगभग 5 हजार मछुआरे बेरोजगार होकर भुखमरी के कगार पर आ गए दूसरी और मत्स्य महासंघ कि लापरवाही के चलते अत्याधिक आधुनिक तरीके से पानी में करंट छोड़कर मत्स्याखेट का अवैधानिक कार्य मछली तस्करों द्वारा किया जा रहा है इस संबंध में पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ तथा अब तक से तस्करों पर प्रभावशील कार्यवाही करने में पुलिस ने सफलता हासिल की है जबकि गांधी सागर बांध में तस्करी रोकने का मुख्य दायित्व मत्स महासंघ का है लेकिन मत्स महासंघ का इस दिशा पर कोई ध्यान नहीं है एक तो टेंडर प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने के कारण मछुआरों को बेरोजगारी का शिकार होना पड़ रहा है दूसरी और गांधी सागर डैम में अवैध रूप से मत्स्याखेट होने के कारण मछुआरों को दोहरी मार का शिकार होना पड़ रहा है 22 सहकारी समितियो के माध्यम से मत्स्याखेट करने वाले मछुआरे की एक सप्ताह कि मजदूरी 22 लाख रुपए का भुगतान भी मत्स्य महासंघ द्वारा नहीं किया जा रहा है जिस कारण मछुआरों में आक्रोश व्याप्त है मछुआरों ने मांग की है की टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने तक मत्स्य महासंघ 22 समितियों से अनुबंध कर अस्थाई रूप से मत्स्याखेट शुरू कराएं जिस रोजगार भी मिले और मछुआरे का आर्थिक संकट भी दूर हो तथा मछली चोरी का कार्य पर भी रोक लग सके हितेश मौर्य बलराम चौहान दशरथ पढ़ाई पंथी सत्नारायण मौर्य ने 22 लाख रुपए का भुगतान शीघ्र प्रदान कर मछुआरों को मत्स्याखेट का कार्य प्रारंभ करने का निवेदन मस्य महासंघ से किया निष्पक्ष आवाज से तारिका राठौर कि रिपोर्ट मो ....8085637012🖊️🖊️🖊️🖊️🖊️🖊️