लव जिहाद मामले में 9 महीने से जेल में बंद आरोपी युवक को कोर्ट ने किया बरी
भोपाल। राजधानी भोपाल की विशेष अदालत ने लव जिहाद के आरोपों से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। लव जिहाद और दुष्कर्म के मामले में बीते 9 महीने से अधिक समय से जेल में बंद आरोपी साहिल खान को अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि दोनों के बीच आर्थिक लेन-देन था, और पीड़िता द्वारा लगाये गये आरोपों की पुष्टि के लिए पेश किये गये साक्ष्य पर्याप्त नहीं हैं। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि केवल आरोपों के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, जब तक कि उन्हें ठोस प्रमाणों से साबित न किया जाए। साहिल इस मामले में लगभग 9 महीने 22 दिन तक न्यायिक हिरासत में जेल में रहा। यह मामला भोपाल के जहांगीराबाद थाना इलाके का है। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश राजर्षि श्रीवास्तव की अदालत में हुई। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच पहले से आर्थिक लेन-देन का संबंध था। जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता युवती ने पुलिस में की गई शिकायत में आरोप लगाया था, कि साहिल ने अपना असली नाम छिपाकर खुद को राहुल बताया। दोनों के बीच बातचीत की शुरुआत सोशल मीडिया और मैसेज के जरिए हुई थी, बाद में साहिल ने शादी का वादा कर उसे अपने घर ले जाने की बात कही। उसकी बातों में आकर जब वह साहिल के साथ जहांगीराबाद स्थित उसके घर पहुंची, तो वहां कोई नहीं था, वहॉ साहिल ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। युवती ने दावा किया था, कि यह घटनाक्रम दिसंबर 2020 से सितंबर 2024 के बीच चला। मामले की सुनवाई के दौरान युवती ने अदालत में स्वीकार किया कि साहिल और उसके बीच आर्थिक लेन-देन होता था1 उसने बयान में कहा कि जब भी उसे पैसों की जरूरत होती थी, साहिल उसकी मदद करता था। युवती के मुताबिक, साहिल ने उसे कुल मिलाकर करीब 12 हजार रुपये दिए थे। अदालत ने इस तथ्य को महत्वपूर्ण मानते हुए अपने आदेश में कहा कि जब साहिल ने पैसे वापस मांगे, तब दोनों के बीच विवाद उत्पन्न हुआ। कोर्ट ने यह भी माना कि इसी विवाद के बाद साहिल के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। सभी तथ्यों, गवाहों के बयानों और दस्तावेजों का मूल्यांकन करने के बाद अदालत ने साहिल खान को लव जिहाद और दुष्कर्म के आरोपों से बरी कर दिया।
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