MP में उद्यमियों को बड़ी सौगात, NOC नियमों में जल्द होगा बदलाव
भोपाल: मध्य प्रदेश में किसानों के बाद अब जल्द ही छोटे उद्योगों को भी डबल ड्यूटी से छुटकारा मिलेगा. इसके अलावा उद्योगों द्वारा ली जाने वाली एनओसी को सरकार और सरल बनाने नियमों में संशोधन करने जा रही है. इसका ऐलान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्टार्टअप एवं लघु उद्यमियों के महाकुंभ समारोह के दौरान किया है. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि "सरकार अब एक साल की योजना नहीं, बल्कि अगले 5 सालों का रोडमैप तैयार कर रही है. बिजली जरूरतों के लिए तो अगले 20 सालों का रोडमैप बनाया जा रहा है.
उद्योगों को डबल ड्यूटी से मिलेगी छुट्टी
कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के सामने कई मांगों को रखा. उन्होंने कहा कि एमएसएमई को मोर्गेज (मोर्टगेज) रखकर लोन लेने की स्थिति में डबल ड्यूटी भरने की बात उठाई. इसके बाद जब मुख्यमंत्री बोलने के लिए खड़े हुए तो उन्होंने कहा कि आपको परेशानी है, वह किसानों की भी परेशानी थी. किसान लोन के लिए जमीन मोर्गेज करता था. लोन खत्म करने के बाद भी मोर्टगेज बैंक में बरकरार रहता था. ऐसे में यदि किसान का जब कोई नया काम करना होता था, तो मोर्गेज खत्म कराने के लिए अलग से ड्यूटी देनी होती थी.
सरकार ने इसका मामला ही खत्म कर दिया कि जैसे ही किसान लोन चुकाएगा, मोर्गेज भी अपने आप खत्म हो जाएगा. किसानों जैसी समस्या ही एमएसएमई की भी है. लोन चुकाने के बाद भी मोर्गेज खत्म कराने के लिए अलग से ड्यूटी देनी होती है. एमएसएमई को भी सरकार इसका लाभ देगी. डबल ड्यूटी की व्यवस्था को खत्म किया जाएगा.
मोहन सरकार ला रही नया बिल
मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने मल्टी स्टोरी पर काम शुरू कर दिया है. ताकि छोटे-छोटे उद्योगपति अपना छोटा उद्यम भी लगा सकें. हमारे लिए जो महत्व बड़े उद्योगपति का है, वहीं छोटे उद्योगपति का भी है. जो भी उद्यम के लिए कदम बढ़ा रहे हैं. उनको सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडस्ट्री में कई बार आगजनी जैसी घटनाएं हो जाती है.
ऐसे मामलों में कई बार उद्योगपति पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया जाता था. हमने कोशिश की है कि घटना को घटना के रूप में लिया जाएगा. दिसंबर के सत्र में सरकार एक नया बिल लेकर आ रही है. जिसमें समय सीमा और सरलता से उद्योग के लिए फायर एनओसी सहित सभी एनओसी दिलाई जाएगी.
5 साल का रोडमैप तैयार कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बड़े उद्योगों के अलावा रोजगार आधारित छोटे उद्योगों से एमओयू कर रही है. इसमें उद्योग में काम करने वाले लेबर के लिए सरकार 10 साल तक 5 हजार रुपए महीना देगी. इस तरह की व्यवस्था हॉस्पिटल में भी करने जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने तय किया है एक-एक साल की नीति नहीं बननी चाहिए. 5 साल के आधार पर अपने सभी कामों का रोडमैप तैयार किया जा रहा है.
बिजली की जरूरत का रोडमैप तो अगले 20 साल के बारे में सोच रहे हैं. यदि उद्योगों को लगता है कि सरकार द्वारा खरीदी जा रही बिजली महंगी पड़ेगी तो उद्योग अपनी बिजली खुद उत्पादित करे, सरकार उसमें सहयोग करेगी.
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