BluSmart की विदाई, Uber की चांदी! मार्केट में बढ़ा ग्राहकों का भरोसा
कभी भारत की इलेक्ट्रिक टैक्सी सेवा प्रदाताओं में अग्रणी मानी जाने वाली ब्लूस्मार्ट अचानक बाजार से बाहर हो गई। जिससे इस क्षेत्र में खालीपन हो गया है और इसका सीधा बड़ा फायदा उबर, ओला, रैपिडो और इनड्राइव जैसी अन्य प्रतिस्पर्धियों को मिलने की पूरी संभावना दिख रही है। शुरुआती संकेत बता रहे हैं कि इसका सबसे ज्यादा फायदा उबर हो सकता है, क्योंकि अधिकतर उपयोगकर्ताओं ने इशारा किया है कि वह उनके चुनिंदा विकल्पों में से एक है और निवेशकों का भी मानना है कि बाजार की यह दिग्गज कंपनी अपना दबदबा और मजबूत बढ़ाएगी।
इस साल जनवरी में आई ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के आंकड़ों के मुताबिक, देश के टैक्सी बाजार में औसत दैनिक सवारी और सक्रिय मासिक उपयोगकर्ताओं के मामले में उबर सबसे आगे हैं। अमेरिका की यह कंपनी रोजाना 8.40 लाख सवारी के साथ बाजार के अन्य प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले काफी आगे है। उसके बाद ओला (4.6 लाख) और रैपिडो (3.20 लाख) का स्थान है। इसी तरह, उबर के पास 3.36 करोड़ सक्रिय मासिक ग्राहकों का आधार है, जबकि रैपिडो के पास 3.18 करोड़ और ओला के पास 2.86 करोड़ सक्रिय मासिक ग्राहक हैं।
मोबाइल ऐप्लिकेशन डाउनलोड के लिहाज से भी 50 करोड़ डाउनलोड के साथ उबर का दबदबा है और यह 10 करोड़ डाउनलोड वाले रैपिडो, इनड्राइव और ओला से कहीं ज्यादा आगे है। कैब के कुछ सक्रिय उपयोगकर्ताओं ने बिज़नेस स्टैंडर्ड के साथ बातचीत में कहा कि ब्लूस्मार्ट की सेवाएं नहीं मिलने के कारण वे उबर का रुख कर सकते हैं। गुरुग्राम के मार्केटिंग पेशेवर और ब्लूस्मार्ट के भरोसेमंद ग्राहकों में से एक सोमिल अग्रवाल ने कहा कि अब वह रोजाना की आवाजाही और हवाईअड्डा जाने के लिए उबर का रुख किया, क्योंकि वह एक सर्वश्रेष्ठ विकल्प है।
अग्रवाल की बातों से इत्तफाक रखते हुए ब्लूस्मार्ट की एक अन्य सक्रिय उपयोगकर्ता यशस्वी शैली ने भी कहा कि वह अन्य ऐप्लिकेशन के बजाय रोजाना की आवाजाही के लिए उबर का ही उपयोग करेंगी। शैली ने कहा, ‘ब्लूस्मार्ट की सेवाएं बंद होने का मुझे अफसोस है। वह काफी आरामदायक थी और मुझे भुगतान के लिए भी मोल-तोल नहीं करना पड़ता था। इसके अलावा उसके ड्राइवर भी काफी अच्छे थे। अब मैं उबर का उपयोग क्योंकि क्योंकि रैपिडो में मुझे भुगतान के कई विकल्प नहीं मिलते हैं। ओला के साथ मेरा अनुभव खराब रहा है क्योंकि वे एसी नहीं चलाते हैं र गूगल मैप्स पर दिखाए गए मार्गों से भी नहीं चलते हैं, जिससे कभी-कभी असुरक्षा की भावना आती है।’उन्होंने बताया कि उनके ब्लूस्मार्ट वॉलेट में जमा 16,474 रुपये की राशि शुक्रवार को पूरी तरह से वापस कर दी गई, एक दिन पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था और कंपनी की हेल्पलाइन पर संपर्क किया था।
2025-26 में ED का एक्शन मोड: हजारों रेड, पर कम हुई गिरफ्तारियां
बरगी क्रूज त्रासदी: "हमें भीख नहीं इंसाफ चाहिए", अपनों को खोने वालों का फूटा गुस्सा; अब तक 13 शव बरामद
बरगी बांध हादसा: विमान में खराबी से 4 घंटे एयरपोर्ट पर रुका शव
नए SP अनुराग सुजानिया: किन जिलों में कर चुके हैं सेवा, अब सागर में जिम्मेदारी
नतीजों से पहले सियासी संग्राम, BJP बोली—ममता की हार तय
राहुल गांधी केस में सावरकर मुद्दा फिर गरमाया, गवाही में बड़े खुलासे
युद्ध या समझौता: मझधार में फंसे डोनाल्ड ट्रंप
भारत-इक्वाडोर संबंधों में नई मजबूती, दवा से डिजिटल तक समझौते
आज का बड़ा मुकाबला: PBKS vs GT, हेड टू हेड आंकड़े क्या कहते हैं
लापरवाही बर्दाश्त नहीं: 23 शिक्षकों पर कार्रवाई, जवाब तलब
ट्रंप और चांसलर मर्ज के विवाद के बाद लिया गया जर्मनी से सैनिक हटाने का फैसला
आस्था की लहर: चारधाम यात्रा के लिए उमड़ी भीड़, रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन
बंगाल चुनाव में बड़ा एक्शन, फालता सीट पर दोबारा मतदान 21 मई को
होर्मुज की घेराबंदी से ईरान को 40 हजार करोड़ का झटका
ऊना में STF की रेड: तीन तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद
बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: MP में 62 IPS अफसरों का तबादला, 19 जिलों के SP बदले
J&K की पहचान कश्मीरी पंडितों से जुड़ी: फारूक अब्दुल्ला
अदन की खाड़ी में समुद्री लुटेरों ने ऑयल टैंकर पर किया कब्जा