जबलपुर: राष्ट्रीय राजमार्ग पर बस और ट्रैक्टर-ट्रॉली की भीषण भिड़ंत, अनियंत्रित होकर पलटी बस में सवार 40 यात्री घायल

जबलपुर के गोसलपुर थाना अंतर्गत मिडवे ढाबे के पास एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना सामने आई है, जहाँ यात्रियों से भरी एक तेज रफ्तार बस गेहूं से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा टकराई। टक्कर का वेग इतना अधिक था कि बस सड़क पर ही पलट गई, जिससे उसमें सवार लगभग 40 यात्री चोटिल हो गए। हादसे के तत्काल बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए राहत और बचाव का कार्य आरंभ किया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और एंबुलेंस की सहायता से सभी घायलों को उपचार के लिए नजदीकी चिकित्सालयों में भर्ती कराया। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि कटनी से जबलपुर की ओर जा रही बस के चालक ने ओवरटेक करने के प्रयास में वाहन से नियंत्रण खो दिया था, जिसके बाद यह गंभीर हादसा हुआ।

राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर जुटीं 15 एंबुलेंस

हादसे की भयावहता को देखते हुए प्रशासन ने तत्परता दिखाई और घटनास्थल पर तुरंत 15 एंबुलेंस रवाना की गईं, ताकि घायलों को बिना देरी के चिकित्सा मिल सके। घायलों में से 21 यात्रियों को उपचार के लिए गोसलपुर अस्पताल ले जाया गया, जबकि अन्य 19 यात्रियों को सिहोरा के स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती किया गया। चिकित्सकों ने घायलों की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया, जिसमें 6 यात्रियों की हालत चिंताजनक पाए जाने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए जबलपुर के मुख्य अस्पताल रेफर कर दिया गया। संतोषजनक बात यह रही कि इस बड़े संकट के बावजूद किसी भी जनहानि की सूचना नहीं मिली है और सभी घायल फिलहाल डॉक्टरों की देखरेख में हैं।

तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हुआ अनियंत्रित हादसा

पुलिस प्रशासन की शुरुआती तफ्तीश में यह स्पष्ट हुआ है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली गेहूं लेकर जबलपुर की मंडी की ओर जा रही थी, तभी पीछे से आ रही बस ने उसे पार करने की कोशिश की। इसी आपाधापी में बस चालक तेज रफ्तार पर काबू नहीं रख सका और बस सीधे ट्रैक्टर के पिछले हिस्से से टकराते हुए पलट गई। पुलिस अधिकारी सूर्यकांत शर्मा ने पुष्टि की है कि बस चालक की लापरवाही और निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन इस दुर्घटना का मुख्य कारण बना है। प्रशासन ने इस मामले में बस चालक के विरुद्ध वैधानिक धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है और यातायात के नियमों की अनदेखी के अन्य पहलुओं पर भी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

अस्पतालों में घायलों की स्थिति और पुलिस की अग्रिम कार्रवाई

हादसे के शिकार हुए यात्रियों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है और अस्पताल परिसरों में पुलिस टीम घायलों के बयान दर्ज करने में जुटी है ताकि घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें। सड़क पर पलटी हुई बस को क्रेन की मदद से हटाकर यातायात को सुचारू कर दिया गया है ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो। पुलिस विभाग अब इस रूट पर चलने वाली यात्री बसों की गति सीमा और फिटनेस मानकों की जांच करने की योजना बना रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। फिलहाल प्रशासन की पूरी प्राथमिकता गंभीर रूप से घायल यात्रियों को सर्वोतम स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है ताकि वे जल्द स्वस्थ हो सकें।