कबीरधाम|कबीरधाम जिले के कुकदूर थानांतर्गत ग्राम कांदावानी में दशगात्र कार्यक्रम के दौरान तंत्र-मंत्र के शक में शुरू हुआ आपसी विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने रामसिंह बैगा को जबरन दबोचकर गांव के पास स्थित बरसाती नाले की तरफ घसीट लिया और लाठियों, पत्थरों व मुक्कों से उसकी बेदर्मी से पिटाई कर दी। गंभीर चोटें आने के कारण रामसिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

कुकदूर थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष मिश्रा के मुताबिक, 9 सितंबर को कांदावानी गांव में मृतक के दामाद चैतराम बैगा का दशगात्र कार्यक्रम आयोजित था। उसी दौरान रामसिंह पर जादू-टोना करने का आरोप लगाते हुए कुछ ग्रामीणों ने बहस शुरू कर दी। विवाद देखते ही देखते हिंसक हो गया और आरोपियों ने पीड़ित को बंधक बना लिया।

नाले के पास ले जाकर पत्थरों और लाठियों से हमला

आरोपियों ने रामसिंह को गांव से दूर नाले के पास ले जाकर डंडों और भारी पत्थरों से निर्मम हमला किया। इस दौरान उस पर ताबड़तोड़ घूंसे भी बरसाए गए। शरीर के नाजुक अंगों में गंभीर चोट लगने की वजह से पीड़ित की मौके पर ही मौत हो गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ हत्या का खुलासा

वारदात के अगले दिन 10 सितंबर को मृतक की पत्नी सवनीबाई बैगा ने थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस टीम ने तुरंत घटनास्थल का मुआयना कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि मृत्यु प्राकृतिक नहीं बल्कि हत्यात्मक थी। इसके आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं में मामला पंजीकृत कर छानबीन तेज कर दी।

तीन बालिग आरोपी सलाखों के पीछे

साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महर सिंह बैगा (24), धनसू बैगा (21) और जोगी बैगा (21) को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त लकड़ी के डंडे, पत्थर व अन्य वस्तुएं बरामद कर ली गईं।

मामले में दो नाबालिग भी शामिल

जांच-पड़ताल के दौरान पुलिस को इस अपराध में दो नाबालिगों की संलिप्तता के पुख्ता प्रमाण भी मिले, जिन्हें तुरंत अभिरक्षा में लेकर बाल न्याय कानून के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई। वहीं गिरफ्तार किए गए तीनों बालिग आरोपियों को अदालत में प्रस्तुत कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।