उज्जैन सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर मध्यप्रदेश पुलिस का व्यापक प्रशिक्षण अभियान प्रारंभ
भोपाल : सिंहस्थ-2028 के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने व्यापक स्तर पर तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। इसी क्रम में पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रदेश के समस्त जिलों एवं इकाइयों में पदस्थ पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने हेतु 6 दिवसीय विशेषप्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
उप पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था श्री तरूण नायक ने बताया कि सिंहस्थ-2028 के दौरान कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, भीड़ प्रबंधन, आपदा प्रबंधन तथा आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से पुलिस लाइन उज्जैन में दिनांक 22 अप्रैलसे 15 मई 2026 तक "ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (ToT)" कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं इकाइयों से चयनित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है। अब यही प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने जिलों में पुलिस बल को निर्धारित प्रशिक्षण मॉड्यूल के अनुसार प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी प्रशिक्षण कैलेंडर के अनुसार 01 जून 2026 से प्रारंभ होकर दिसंबर 2026 तक कुल 20 बैचों में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। प्रत्येक बैच में जिला पुलिस बल, विशेष सशस्त्र बल, रेडियो शाखा, विशेष शाखा, पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों तथा नगर सेना के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मिलित किया जाएगा।प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य है कि सिंहस्थ-2028 में ड्यूटी के लिए संभावित शत-प्रतिशत पुलिस बल को समयबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जाए, जिससे प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी मेला ड्यूटी की चुनौतियों और जिम्मेदारियों से भली-भांति परिचित हो सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु प्रत्येक रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक एवं उप पुलिस महानिरीक्षक अपने-अपने जोन एवं रेंज के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रमों का निरीक्षण करेंगे तथा विभिन्न जिलों में आयोजित प्रशिक्षण सत्रों का शुभारंभ करेंगे। अन्य जिलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ संबंधित पुलिस अधीक्षक द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक जिले में एक सूबेदार को प्रशिक्षण प्रभारी नियुक्त किया जाएगा, जो पूर्णकालिक रूप से प्रशिक्षण की निगरानी करेंगे। वहीं रक्षित निरीक्षक प्रतिदिन प्रशिक्षण में उपस्थित रहकर प्रशिक्षणार्थियों से फीडबैक प्राप्त करेंगे।
प्रशिक्षण की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था भी की गई है, जिससे पुलिस मुख्यालय, वरिष्ठ अधिकारी अथवा विषय विशेषज्ञ आवश्यकता पड़ने पर ऑनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण सत्रों से जुड़ सकेंगे। प्रशिक्षण प्राप्त ToTफैकल्टी अपने-अपने विषयों पर जिलों में कक्षाएं लेकर व्यावहारिक एवं अनुभव आधारित प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विषयों के साथ-साथ आधुनिक चुनौतियों और आपातकालीन परिस्थितियों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। बम निरोधक दस्ता (BDDS), क्विकरिस्पांस फोर्स (QRF), स्पेशल टास्क फोर्स (STF) तथा होमगार्ड के विशेषज्ञ अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रक्रिया में शामिल किया गया है। चिकित्सा आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के सहयोग से सीपीआर (CPR) एवं प्राथमिक चिकित्सा संबंधी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
प्रशिक्षण मॉड्यूल में शारीरिक प्रशिक्षण, योग एवं मेडिटेशन से लेकर सिंहस्थ का ऐतिहासिक, धार्मिक एवं भौगोलिक परिचय, सिंहस्थ-2016 का पुनरावलोकन, पुलिस दायित्व, मेला क्षेत्र का जोन विभाजन, घाटों का संचालन, अस्थायी थानों की भूमिका, बल वितरण, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, श्रद्धालुओं की आवाजाही, अभिसूचना संकलन, आतंकवाद एवं नक्सलवाद से संबंधित चुनौतियां, मेला क्षेत्र में निगरानी एवं चेकिंग, शाही स्नान व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा, अखाड़ा व्यवस्था एवं पेशवाई जुलूस प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण में यातायात योजना, ग्रीन कॉरिडोर, आपदा प्रबंधन, पुलिस बल की आवास व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, रेडियो संचार व्यवस्था, समग्र सुरक्षा योजना, विस्फोटक एवं आईईडी की पहचान एवं निराकरण, सोशल मीडिया एवं मीडिया प्रबंधन, सॉफ्ट स्किल्स, चिकित्सकीय व्यवस्था, क्विकरिस्पांसअरेंजमेंट तथा प्रशिक्षण प्राप्त एवं इच्छुक कर्मचारियों के पोर्टल आधारित पंजीयन जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है।
पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं कि प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आवास, भोजन, पेयजल, प्रोजेक्टर, स्क्रीन, कूलर तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रशिक्षण समाप्ति के उपरांत प्रत्येक बैच की विस्तृत रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में पुलिस मुख्यालय को भेजी जाएगी, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता, सहभागिता एवं प्रभावशीलता का निरंतर मूल्यांकन किया जा सके।
मध्यप्रदेश पुलिस का यह व्यापक प्रशिक्षण अभियान सिंहस्थ-2028 के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षित, दक्ष एवं तकनीकी रूप से सक्षम पुलिस बल के माध्यम से सिंहस्थ-2028 को सुरक्षा, सेवा और सुशासन के मानकों पर एक आदर्श आयोजन बनाने की दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं।
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