राजगढ़ | मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा के कथित अपहरण, मारपीट, लूटपाट और डिजिटल धोखाधड़ी के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने एक बड़ा पर्दाफाश किया है। इस पूरे घटनाक्रम में संलिप्तता के आरोप में पुलिस ने महिला समेत 7 आरोपियों को धर-दबोचा है। पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि एक परिचित महिला ने साजिश के तहत बीजेपी नेता से रास्ते में लिफ्ट मांगी थी, जिसके बाद उसने अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर उन्हें बंधक बना लिया। आरोपियों ने नेता के साथ बेरहमी से मारपीट की, उनके कपड़े फाड़कर उन्हें निर्वस्त्र किया और उनका एक अश्लील वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया।

लिफ्ट के बहाने जाल में फंसाया, परिजनों को दी जान से मारने की धमकी

यह पूरी वारदात 10 मई की बताई जा रही है, जब बीजेपी नेता दीपक शर्मा भोपाल से वापस राजगढ़ आ रहे थे। इसी दौरान कुरावर थाना अंतर्गत तीज बड़ली क्षेत्र में मंजू प्रजापति नाम की एक परिचित महिला ने हाथ देकर उनकी गाड़ी रुकवाई। गाड़ी रुकते ही महिला ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया और वारदात को अंजाम देना शुरू किया। आरोपियों ने पीड़ित को ब्लैकमेल करते हुए ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। जब उन्होंने मना किया, तो आरोपियों ने अश्लील वीडियो उनकी पत्नी और बेटी को भेजने की धमकी दी। हद तो तब हो गई जब बदमाशों ने पीड़ित के परिजनों को फोन कर डराया और फोन पर ही चिल्लाकर कहा, "पिस्तौल निकालो और इसे गोली मार दो।" इस खौफ के बीच परिजनों ने ऑनलाइन पैसे भेजे और आरोपियों ने जबरन 3 लाख रुपये के चेक पर भी हस्ताक्षर करवा लिए।

ब्लैकमेलिंग कर मांगे 10 लाख रुपये और सीसीटीवी से पकड़े गए आरोपी

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़ित को उसी अमानवीय हालत में छोड़कर फरार हो गए। जाते-जाते उन्होंने 10 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की और रकम न मिलने पर वीडियो वायरल करने की चेतावनी दी। पीड़ित की शिकायत के बाद हरकत में आई कुरावर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तफ्तीश शुरू की। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी सीहोर के ईदगाह क्षेत्र में छिपे हुए हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर देवा वंशकार, रविंद्र जीत डग, अदनान खान, कृष्णा यादव, तरुण मेवाड़ा, रितिक वाल्मीकि और मुख्य साजिशकर्ता मंजू प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए कुछ आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास है और उन पर हत्या व आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।

पुलिस ने बरामद किया लूटा गया कीमती सामान

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपियों के कब्जे से लूट का काफी सामान बरामद कर लिया है। बरामद की गई चीजों में 67 हजार रुपये की नकदी, पीड़ित की बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, हस्ताक्षरित दो चेक, करीब 1.20 लाख रुपये की राडो घड़ी, 1.50 लाख रुपये मूल्य की सोने की अंगूठी, चांदी का लॉकेट, वारदात में इस्तेमाल धारदार हथियार और तीन दोपहिया वाहन शामिल हैं। पुलिस अब आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य नेटवर्क का पता लगाया जा सके।