बंगाल में नेतृत्व बदलने की चर्चा, असम में हिमंत सरमा की वापसी पक्की?
कोलकाता/चेन्नई: भारतीय राजनीति के फलक पर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहाँ पश्चिम बंगाल में दशकों का इंतजार खत्म कर भाजपा पहली बार सरकार बनाने जा रही है। 9 मई को रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के पावन अवसर पर होने वाला यह शपथ ग्रहण समारोह न केवल सत्ता परिवर्तन, बल्कि बंगाल की संस्कृति और नई राजनीतिक विचारधारा के मिलन का गवाह बनेगा। राज्य की 207 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली भाजपा ने इस उत्सव को भव्य बनाने की तैयारी की है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी सहित एनडीए के तमाम दिग्गज शामिल होंगे।
बंगाल की कमान और रणनीतिक पर्यवेक्षकों की नियुक्ति
पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गृह मंत्री अमित शाह को मुख्य केंद्रीय पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सह-पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री पद की रेस में शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे ऊपर चल रहा है, जिन्होंने लगातार दूसरी बार ममता बनर्जी को शिकस्त देकर अपनी राजनीतिक सूझबूझ का लोहा मनवाया है। गुरुवार तक होने वाली विधायक दल की बैठक के बाद उनके नाम पर अंतिम मुहर लगने की प्रबल संभावना है।
तमिलनाडु में विजय का राज्याभिषेक और कांग्रेस का दांव
दक्षिण भारत के तमिलनाडु में भी सत्ता परिवर्तन की लहर साफ दिखाई दे रही है, जहाँ तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के नेता विजय 7 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए तैयार हैं। बहुमत के आंकड़े से महज 10 सीटें दूर होने के बावजूद विजय ने राज्यपाल के समक्ष दावा पेश कर दिया है। इस बीच, कांग्रेस द्वारा विजय को समर्थन देने के संकेतों ने राज्य के राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। कांग्रेस के इस संभावित कदम से उनकी पुरानी सहयोगी द्रमुक (DMK) काफी नाराज है और इसे 'विश्वासघात' करार दे रही है। एमके स्टालिन ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है, जिससे राज्य में नए राजनीतिक युग की आधिकारिक शुरुआत हो गई है।
असम में हैट्रिक और अन्य राज्यों में मंत्रिमंडल विस्तार की हलचल
असम में भाजपा अपनी हैट्रिक का जश्न मना रही है, जहाँ हिमंत बिस्व सरमा का दोबारा मुख्यमंत्री बनना लगभग तय हो चुका है। यहां 10 मई के बाद नई सरकार का गठन होगा, जिसकी देखरेख के लिए जेपी नड्डा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में भी प्रशासनिक कसावट और राजनीतिक संतुलन बनाने के लिए मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हैं। बिहार में सात मई को नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण प्रस्तावित है, जबकि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड की समीक्षा के बाद खाली पदों को भरने की तैयारी की जा रही है।
राशिफल 17 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
भोपाल मंडल की ट्रेनों के समय और ठहराव में भी बदलाव संभव
गोल्ड मेडल जीतने वाली खिलाड़ी को मिला बड़ा राष्ट्रीय सम्मान
पीड़िता के परिवार ने तेज सुनवाई की लगाई गुहार
भारतीयों के उत्साह और स्वागत से अभिभूत हुए प्रधानमंत्री
यात्रियों के लिए खुशखबरी, पुणे-गोरखपुर-हड़पसर में रोज चलेगी समर स्पेशल ट्रेन
वास्तविक घटना पर लिखी पुस्तक ‘अंजना’ पाठकों के बीच लोकप्रिय
सतीशन-चेन्निथला विवाद थमने के आसार, कांग्रेस में मंत्रालय बंटवारे पर बनी सहमति
SDM और नायब तहसीलदार को किया गया सस्पेंड
तमिलनाडु में मंत्रालय आवंटन पूरा, मुख्यमंत्री विजय ने चुने प्रमुख पोर्टफोलियो
जीजा ने साली को लगाया बड़ा आर्थिक चूना
MP की डिजिटल पहल को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने की योजना
ईसाई धर्म अपनाने से इनकार पर नौकरी से निकाले जाने की शिकायत
नेतृत्व विवाद के बीच कांग्रेस ने दिखाया एकजुटता का चेहरा, सतीशन-वेणुगोपाल की बैठक अहम
केरल कांग्रेस में फिर हलचल, शपथ समारोह से थरूर के दूर रहने के फैसले पर चर्चा
प्रवासी भारतीयों के बीच क्रिकेट को लेकर दिखा उत्साह