तीन फेज में होगी ठेका प्रक्रिया, पारदर्शिता पर सरकार का जोर
मध्य प्रदेश। में नई आबकारी व्यवस्था के तहत इस बार करीब साढ़े तीन हजार शराब दुकानों के ठेके तीन चरणों में दिए जाएंगे. आबकारी विभाग ने सभी जिलों की कंपोजिट शराब दुकानों के लिए ई-टेंडर आमंत्रित कर दिए हैं और पहले चरण की प्रक्रिया कल से शुरू हो रही है।
कलेक्टर की निगरानी में होगी निगरानी
इस बार सरकार ने रिजर्व प्राइस को पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत तक बढ़ाया है. अधिकारियों के अनुसार दुकानों का आवंटन 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि के लिए किया जाएगा. जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला निष्पादन समिति पूरी ई-टेंडर प्रक्रिया की निगरानी करेगी।
क्या है नई व्यवस्था?
नई व्यवस्था के तहत वाइन शॉप और एयरपोर्ट काउंटर को छोड़कर बाकी सभी दुकानें कंपोजिट होंगी, यानी एक ही दुकान से देशी और विदेशी दोनों प्रकार की शराब की बिक्री होगी. साथ ही किसी भी दुकान पर बैठकर शराब पीने की अनुमति नहीं रहेगी. सरकार का तर्क है कि इससे व्यवस्था अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनेगी. पहले चरण में 27 फरवरी से 1 मार्च तक ऑनलाइन टेंडर डाउनलोड और ऑफर सबमिट किए जा सकेंगे. 2 मार्च को दोपहर 2 बजे ई-टेंडर खोले जाएंगे. इसके बाद निर्धारित समयावधि में ऑनलाइन बोली प्रक्रिया चलेगी और उसी दिन शाम तक आवंटन की कार्रवाई पूरी की जाएगी. दूसरे और तीसरे चरण की प्रक्रिया क्रमशः 3 से 5 मार्च तथा 6 से 7 मार्च के बीच पूरी की जाएगी।
तेजस प्रोजेक्ट पर महायुद्ध का असर: इंजन और रडार की आपूर्ति में कमी
अमेरिका ने चेताया ईरान को, कहा- समझौता करो वरना बड़े हमले होंगे
BJP की नई सूची जारी: बंगाल चुनाव में उम्मीदवारों में फेरबदल
जनहित योजनाओं में अड़ंगा: नगर का आक्रोश अब देश की राजधानी तक पहुंचा
सियासी बयानबाज़ी तेज: अमित शाह ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
25 नक्सलियों ने सरेंडर किया, हथियार और कीमती सामान के साथ
सख्त सजा: नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल कैद और जुर्माना
Mohan Yadav ने कार्यक्रम में निवेश को लेकर बड़ा बयान दिया
MP सरकार ने बढ़ाए दूध के रेट, जानें अपने इलाके का नया प्राइस
दिल्ली और कोलकाता जाने की नई सुविधा, अंबिकापुर एयरपोर्ट अपडेट
चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक दांव: लिएंडर पेस ने थामा बीजेपी का दामन
बिना वैकल्पिक व्यवस्था बस्ती हटाने पर कड़ी आपत्ति जताई
टीचर्स एसोसिएशन ने मांगी उच्च स्तरीय जांच, सवाल उठे पेपर की समानता पर
डिलीवरी के दौरान अचानक तीसरे बच्चे के जन्म से सभी चौंक गए
काशी में एमपी-यूपी समन्वय: सीएम मोहन यादव ने तीर्थ प्रबंधन प्रणाली का लिया जायजा
भवानीपुर में सियासी जंग: बंगाल चुनाव में बीजेपी का रणनीतिक कदम
CSK के लिए शुरुआती झटका, पहले मैच में दिखी टीम की कमजोरी
सरेंडर नक्सली चुनाव लड़ सकते हैं? पर्यटन मंत्री अग्रवाल का रुख साफ