Crude Oil: छह साल के शीर्ष पर पहुंच सकता है सऊदी अरब से तेल का आयात, अमेरिकी दबाव से रूस से खरीद घटाने के असर
भारत इस महीने सऊदी अरब से छह साल से अधिक समय में सबसे अधिक कच्चे तेल का आयात करने जा रहा है। रूस से कच्चे तेल की खरीदारी कम करने के लिए अमेरिका के भारत पर लगातार दबाव बनाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। केप्लर के प्रमुख अनुसंधान विश्लेषक सुमित रितोलिया के अनुसार, सऊदी अरब से तेल की आपूर्ति बढ़कर 10 लाख से 11 लाख बैरल प्रतिदिन होने की संभावना है। यह नवंबर, 2019 के बाद से उच्च स्तर होगा। यह रूस के अनुरूप है, जिससे दोनों आपूर्तिकर्ताओं के बीच का अंतर काफी हद तक कम हो जाएगा। यूक्रेन पर आक्रमण के बाद भारत की ओर से रूसी तेल की खरीद बढ़ाने के कारण यह अंतर काफी बढ़ गया था। भारत पर अमेरिकी दबाव इस महीने की शुरुआत में तब ज्यादा हो गया, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत एक व्यापार समझौते के तहत रूसी तेल की खरीदारी बंद करने पर सहमत हो गया है। हालांकि, भारत ने इस दावे पर सार्वजनिक रूप से कोई सीधा जवाब नहीं दिया है। अगर तेल का प्रवाह 12 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंचता है तो रूस इस महीने भी भारत का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना रहेगा, लेकिन शिपमेंट में और भी गिरावट आने का अनुमान है। 2022 में यूक्रेन पर हुए आक्रमण के बाद भारत रूसी तेल का एक प्रमुख खरीदार बनकर उभरा, क्योंकि ओपेक और अन्य उत्पादक देश रूस को अपने तेल की कीमतों में भारी छूट देनी पड़ी। ऐसा इसलिए, क्योंकि अधिकांश अन्य खरीदार मॉस्को से जुड़ी ऊर्जा से दूर भाग रहे थे। भारत ने तब प्रतिदिन 20 लाख बैरल रूसी तेल आयात किया था।
रूस से और घटेगा आयात
केप्लर ने कहा, अगले महीने रूस से आयात में और कमी आ सकती है। यह आयात प्रतिदिन 8 से 10 लाख बैरल के बीच रहेगा। यूरोपीय संघ के लगाए गए प्रतिबंधों के बाद रूसी कच्चे तेल पर पूरी तरह निर्भर नायरा एनर्जी की ओर से संचालित रिफाइनरी में अप्रैल एवं मई के दौरान रखरखाव कार्य के कारण होने वाले बंद से आयात की मात्रा में और भी कमी आने की आशंका है। रूस के लिए भारत में अपनी हिस्सेदारी खोना यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप से विस्थापित हुए उसके तेल के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार को कमजोर कर देता है। सऊदी अरब के लिए शीर्ष स्थान पुनः प्राप्त करना सबसे तेजी से बढ़ते तेल बाजारों में से एक में रणनीतिक प्रभाव को बहाल करेगा।
रोहित शेट्टी के पोस्ट ने बढ़ाई हलचल, क्या बदलने वाले हैं फिल्मी रास्ता?
लव जिहाद आरोपों पर हंगामा: हुबली में लड़की के परिवार पर केस दर्ज
टैबलेट से मिले 121 आपत्तिजनक वीडियो: नासिक में गंभीर अपराध का पर्दाफाश
चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा: अधीर रंजन चौधरी पर हमले से सियासत गरमाई
इलाज के दौरान भिड़े ससुराल और मायके वाले, अस्पताल बना रणक्षेत्र
चुनावी मंच से गरजे योगी: असम में कांग्रेस और UDF को दी कड़ी चुनौती
बर्ड फ्लू की आशंका से हड़कंप, 5 अप्रैल को जांच करेगी टीम
बागदा सीट पर रोमांच: सोमा और मधुपर्णा ठाकुर के बीच कड़ा मुकाबला
CBSE सिलेबस को लेकर बवाल: तमिलनाडु CM स्टालिन का केंद्र पर बड़ा आरोप
केरल की सत्ता पर संकट के संकेत: 40 सीटों पर मछुआरों का गुस्सा बन सकता है निर्णायक
हाईटेक होगी हेल्थ सिस्टम, श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा
बढ़ता संघर्ष: ईरान का सख्त रुख, US को पीछे हटने का अल्टीमेटम
अमेरिका में बजट बदलाव: रक्षा पर जोर, शिक्षा और विदेशी सहायता में कटौती की तैयारी
आपूर्ति संकट का असर: बोतलबंद पानी महंगा होने की संभावना, उद्योग पर बढ़ा दबाव
सुरक्षा बलों की सफलता: मणिपुर में सीमा क्षेत्र से चार उग्रवादियों को पकड़ा गया
बड़ी आर्थिक पहल: सरकार दे सकती है MSME सेक्टर को 2.5 लाख करोड़ की कर्ज गारंटी योजना
शशि थरूर के काफिले पर हमले से तनाव: केरल में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल