जीवाजी यूनिवर्सिटी के जूनियर स्टूडेंट्स में दहशत, UGC तक पहुंचे रैगिंग के मामले
ग्वालियर : जीवाजी विश्वविद्यालय में लगातार रैगिंग की शिकायतें आ रही हैं. विश्वविद्यालय प्रबंधन शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहा. दिखावे की कार्रवाई होने से रैगिंग करने वालों में भय समाप्त हो चुका है. मजबूर होकर स्टूडेंट्स अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) में शिकायतें करने लगे हैं. पीड़ित छात्रों ने बीते 15 दिन में यूजीसी हेल्पलाइन पर 03 शिकायतें दर्ज कराई हैं.
आर्यभट्ट हॉस्टल में हफ्ते में दूसरी बार रैगिंग
भोजन को लेकर मारपीट, छात्र ने यूजीसी में की शिकायत 7 फरवरी 2026 को जीवाजी यूनिवर्सिटी के आर्यभट्ट हॉस्टल में छात्र से रैगिंग की शिकायत यूजीसी के पास पहुंची. पीड़ित छात्र ने आरोप लगाया "वह जीवाजी विश्वविद्यालय के गालव सभागार में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में हिस्सा लेने गया था, जहां भोजन के दौरान रोटी लेने को लेकर आर्यभट्ट हॉस्टल में हो रहने वाले फार्मेसी के 8 छात्रों ने उसके साथ मारपीट की और धमकी दी कि अगर वह हॉस्टल में उनके हिसाब से नहीं रहा तो जान से मार देंगे."
कुलसचिव और कुलगुरु ने किया हॉस्टल का दौरा
ये घटना भी तब हुई जब रैगिंग को लेकर आर्यभट्ट हॉस्टल से पहले की दो शिकायते सामने आ चुकी थीं. कुलसचिव ने प्रॉक्टोरिक्ल बोर्ड और एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्यों के साथ हॉस्टल का निरीक्षण कर छात्रों को इस तरह की गतिविधियां ना करने और ऐसी घटना की जानकारी देने की हिदायत दी. हालांकि इसके बाद फिर घटना हो गई. रैगिंग की नई घटना पर जांच बैठा दी गई है. वहीं रविवार को कुलगुरु प्रो. राजकीमार आर्य ने भी आर्यभट्ट और कैप्टन रूपसिंह हॉस्टल का निरीक्षण कर छात्रों से बातचीत कर समझाइश दी.
छात्र से मारपीट मामले में 3 लोगों को सजा
हफ़्ते भर पहले आर्यभट्ट हॉस्टल में लॉ के सीनियर स्टूडेंट के साथ फार्मेसी के करीब 8 जूनियर छात्रों ने बेरहमी से मारपीट की थी, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था. इस मामले में की गई रैगिंग की शिकायत पर जांच पूरी हो चुकी है. साथ ही विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 3 छात्रों को सजा भी सुनाई है.
रैगिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जीवाजी विश्व विद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. विमलेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया "रैगिंग की शिकायतों पर चल रही जांच में प्रॉक्टोरल बोर्ड के सामने जो तथ्य सामने आए हैं, उसमें प्रभावी कार्रवाई की जा रही है. शिकायत के एक मामले में आरोपी छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उनके एक इंटरनल एग्जाम (आंतरिक परीक्षा) से वंचित कर दिया है, जिससे उनके परीक्षा परिणामों पर सीधे तौर पर असर पड़ेगा. अभी जांच जारी है. आगे जो तथ्य सामने आयेंगे, उनके आधार पर सजा पर विचार किया जाएगा.
पैरेंट्स को बुलाएंगे विश्वविद्यालय
पीआरओ राठौड़ का कहना है "जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु का कहना है और छात्रों को भी समझाइश होती है कि कोई ऐसा कम ना करें जिससे आपके भविष्य पर असर आए. इसलिए अगर छोटी से सजा में छात्र संभल जाते हैं तो बेहतर है. इन छात्रों के माता-पिता को भी विश्वविद्यालय बुलाया जाएगा और भविष्य में दोबारा ऐसी शिकायत आती है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी."
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