प्रवासी भारतीय दिवस पर पीएम मोदी...........भारतीय समुदाय भारत और दुनिया के बीच मजबूत सेतु की तरह काम कर रहा
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर विदेशों में रह रहे भारतीयों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय समुदाय भारत और दुनिया के बीच एक मजबूत सेतु की तरह काम कर रहा हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, प्रवासी भारतीय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। भारतीय समुदाय भारत और दुनिया के बीच एक मजबूत सेतु बना हुआ है। वे जहां भी गए, उन्होंने वहां के समाजों को समृद्ध किया और इतना ही नहीं सभी भारतीय अपनी जड़ों से भी जुड़े रहे। मैं हमेशा कहता हूं कि हमारा भारतीय सुमदाय हमारे राष्ट्रदूत हैं, जिन्होंने भारत की संस्कृति को दुनिया भर में लोकप्रिय किया है। हमारी सरकार ने हमारे डायस्पोरा को भारत के और करीब लाने के लिए कई कदम उठाए हैं। बात दें कि प्रवासी भारतीय दिवस हर साल 9 जनवरी को मनाया जाता है, जो भारत के विकास और दुनिया में उसकी स्थिति में भारतीय समुदाय के योगदान को पहचानने और सम्मानित करने का मौका देता है। यह मौका विदेशों में रहने वाले भारतीयों के साथ जुड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है और विभिन्न क्षेत्रों में भारत की प्रगति को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका को स्वीकार करता है।
दरअसल 9 जनवरी का दिन 1915 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने की याद में चुना गया था। जिन्हें व्यापक रूप से सबसे महान प्रवासी माना जाता है, महात्मा गांधी ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया और देश के इतिहास को गहराई से प्रभावित किया। यह दिन भारत और विदेशों में रहने वाले उसके लोगों के बीच स्थायी बंधन का प्रतीक है।
प्रवासी भारतीय दिवस कन्वेंशन की शुरुआत सबसे पहले 2003 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में हुई थी। इस कार्यक्रम को विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय से जुड़ने और उन्हें पहचानने और भारत के साथ उनके जुड़ाव को मजबूत करने के लिए एक औपचारिक तरीके के रूप में शुरू किया गया था।
प्रवासी भारतीय दिवस विदेश मंत्रालय (एमईए) का मुख्य कार्यक्रम है और मंत्रालय द्वारा देश के अलग-अलग शहरों में आयोजित किया जाता है। यह भारत की क्षेत्रीय विविधता, विकास और सांस्कृतिक विरासत को दिखाता है। साथ ही, विदेशों में रहने वाले भारतीयों को देश के साथ सीधे जुड़ने का मौका देता है।
2015 से विदेश मंत्रालय ने कार्यक्रम के स्वरुप में बदलाव किया है और प्रवासी भारतीय दिवस कन्वेंशन को दो साल में एक बार होने वाली सभा के रूप में आयोजित किया है, जिसमें बीच के सालों में थीम-आधारित कॉन्फ्रेंस होती हैं। यह तरीका खास रुचि वाले क्षेत्रों पर ज्यादा फोकस वाली चर्चाओं को संभव बनाता है और दुनिया भर में फैले भारतीय समुदाय के सदस्यों के बीच सार्थक बातचीत और नेटवर्किंग को बढ़ावा देता है। प्रवासी भारतीय दिवस का मुख्य उद्देश्य भारत के विकास में विदेशों में रहने वाले भारतीयों के योगदान को पहचानना और विदेशों में भारत के बारे में समझ बढ़ाना है।
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