शिक्षकों की उपस्थिति लाइव डैशबोर्ड पर देख सकते हैं अधिकारी
मप्र में रियल टाइम अटेंडेंस मॉनिटरिंग से बढ़ी सख्ती, ई-अटेंडेंस से शिक्षकों की उपस्थिति 72 प्रतिशत
भोपाल। प्रशासन और जिला शिक्षा विभाग की कड़ी निगरानी के बाद ई-अटेंडेंस दर्ज करने वाले शिक्षकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उल्लेखनीय यह है कि अब शिक्षक न केवल लॉगइन कर रहे हैं, बल्कि समय पर लॉगआउट भी कर रहे हैं। शिक्षा विभाग अब और अधिक सख्त व्यवस्था लागू करने जा रहा है। भोपाल सहित पूरे प्रदेश में वास्तविक समय उपस्थिति निगरानी (रियल टाइम अटेंडेंस मॉनिटरिंग) प्रणाली शुरू की जा रही है, जिसके तहत शिक्षकों की उपस्थिति तुरंत ऑनलाइन ट्रैक होगी। इससे एक सेकंड की देरी के बिना यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन-सा शिक्षक स्कूल में मौजूद है और कौन अनुपस्थित।
28 नवंबर के बाद शिक्षकों की उपस्थिति दर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। नवंबर माह का वेतन ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर देने के आदेश जारी होने के समय 28 नवंबर को ई-अटेंडेंस का प्रतिशत 52 था। आदेश के बाद के नौ दिनों में उपस्थिति में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। 6 दिसंबर को शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति 72 प्रतिशत दर्ज की गई।
कैसे होगी डिजिटल निगरानी
शिक्षक स्कूल पहुंचते ही अपने मोबाइल में हमारे शिक्षक ऐप खोलकर कैमरा ऑन करते हैं और चेहरा स्कैन कर उपस्थिति दर्ज करते हैं। ऐप जीपीएस लोकेशन ऑन रखता है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उपस्थिति स्कूल परिसर से ही लगे। चेहरा मिलते ही उपस्थिति सीधे भोपाल स्थित मुख्य सर्वर पर दर्ज हो जाती है। हर स्कूल के चारों ओर लगभग 200-500 मीटर की वर्चुअल बाउंड्री निर्धारित की गई है। इसके बाहर शिक्षक उपस्थिति दर्ज नहीं कर सकते। जहां पहले फिंगरप्रिंट मशीनें लगी थीं, वहां अब उन्हें मोबाइल एप्लीकेशन से जोड़ दिया गया है।
अधिकारी ऐसे देख पाएंगे लाइव रिपोर्ट
ई-अटेंडेंस प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ इसका लाइव डैशबोर्ड है। मुख्यमंत्री कार्यालय, शिक्षा मंत्री, जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी सहित जिम्मेदार अधिकारियों के पास एक ऐसा इंटरफेस उपलब्ध होगा, जहां सुबह 10 बजे के बाद एक क्लिक में यह पता चल जाएगा कि पूरे प्रदेश में कितने शिक्षक उपस्थित हैं और किस स्कूल में उपस्थिति दर कम है।
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