राजनाथ सिंह का कूटनीतिक संदेश, बदलते हालात पर दी बड़ी सीख
अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच राजनीति गरमाई हुई है। ट्रंप टैरिफ के बाद भारत में स्वदेशी चीजों और आत्मनिर्भर भारत पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। इसी बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता, केवल स्थायी हित होते है। इसके साथ ही उन्होंने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए भारत के प्रयासों के बारे में बताया।
आईएनएस हिमगिरी और आईएनएस उदयगिरी का जलावतरण
एनडीटीवी डिफेंस समिट 2025 में राजनाथ सिंह का बयान संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ टैरिफ तनाव और भारत-चीन संबंधों में आई नरमी की पृष्ठभूमि में आया है। भारत के रक्षा मंत्री ने स्वदेशीकरण में हुई महत्वपूर्ण प्रगति का भी उल्लेख किया, जिसमें स्थानीय स्तर पर डिजाइन किए गए नीलगिरि श्रेणी के दो स्टील्थ फ्रिगेट, आईएनएस हिमगिरि और आईएनएस उदयगिरि का जलावतरण भी शामिल है।
घरेलू स्तर पर किया रहा सभी युद्धपोतों का निर्माण
राजनाथ सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भरता की दिशा में देश अब सभी युद्धपोतों का निर्माण घरेलू स्तर पर कर रहा है। नौसेना ने किसी अन्य देश से युद्धपोत न खरीदने, बल्कि उन्हें भारत में ही बनाने का संकल्प लिया है कहीं और नहीं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भारत की स्वदेश निर्मित रक्षा प्रणाली सुदर्शन चक्र शीघ्र ही वास्तविकता बन जाएगी।
कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं
राजनाथ सिंह ने भारत की विदेश और रक्षा नीति को तैयार करते हुए कहा कि कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता, केवल स्थायी हित होते हैं। रक्षा मंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारतीय आयात पर लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क का जिक्र करते हुए कहा, वैश्विक स्तर पर, इस समय व्यापार के लिए युद्ध जैसी स्थिति है। उन्होंने कहा कि विकसित देश तेजी से संरक्षणवादी हो रहे हैं, लेकिन साथ ही कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा भारत किसी को अपना दुश्मन नहीं मानता, लेकिन अपने लोगों के हितों से समझौता नहीं करेगा। राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को जापान की दो दिवसीय यात्रा समाप्त करने के बाद एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन पहुंच गए है।
आत्मनिर्भरता एक आवश्यकता
राजनाथ सिंह ने दोहराया कि अस्थिर भू-राजनीति के बीच आत्मनिर्भरता केवल एक लाभ नहीं, बल्कि एक आवश्यकता बन गई है। उन्होंने कहा कि आज की बदलती भू-राजनीति ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि रक्षा के क्षेत्र में बाहरी निर्भरता अब हमारे लिए कोई विकल्प नहीं है। वर्तमान स्थिति में आत्मनिर्भरता हमारी अर्थव्यवस्था और हमारी सुरक्षा, दोनों के लिए आवश्यक है।
सुदर्शन चक्र
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत भविष्य के सभी युद्धपोतों का निर्माण घरेलू स्तर पर करेगा और सुदर्शन चक्र रक्षा प्रणाली का जल्द ही अनावरण किया जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर ने स्वदेशी ताकत का प्रदर्शन किया
ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के सटीक हमलों की सफलता ने स्वदेशी रक्षा प्रणालियों की प्रभावशीलता को उजागर किया।
भारत के रक्षा निर्यात में वृद्धि
राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि भारत का रक्षा निर्यात 2014 में 700 करोड़ रुपये से बढ़कर आज लगभग 24,000 करोड़ रुपये हो गया है जो देश के आयातक से उभरते निर्यातक के रूप में बदलाव को दर्शाता है।
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