होप टेक्सटाइल मिल की जमीन प्रशासन के कब्जे में, विवाद का हो सकता है अंत
इंदौर। इंदौर के बरसों पुराने होप टेक्सटाइल मिल की 22 एकड़ जमीन का कब्जा प्रशासन की टीम ने गुरुवार को लिया। प्रशासन ने इसकी लीज निरस्त कर दी।शासन के स्वामित्व वाला बोर्ड भी लगा दिया। शहर के मध्य हिस्से में स्थित इस जमीन का बाजार मूल्य एक हजार करोड़ रुपये है। 86 साल पहले 1939 मे होलकर स्टेट ने जमीन आवंटित की थी। यह जमीन जिला कोर्ट के पीछे स्थित है।
पिछले दिनों जमीन को लेकर प्रशासन ने नोटिस जारी किए थे, लेकिन प्रबंधन की तरफ से जवाब में कहा गया कि जमीन की लीज शासन द्वारा दी गई है। लीजधारक शासकीय पट्टेदार की श्रेणी में है, इस कारण उसके खिलाफ सुनवाई का अधिकार शासन या कलेक्टर के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण बुधवार को कलेक्टर ने सर्वे नंबर 282/2 की 22 एकड़ जमीन की लीज निरस्त कर दी। अपने आदेश में कलेक्टर ने पूर्व में इस तरह के मामले में हुई कोर्ट निर्णय का हवाला भी दिया गया।
गुरुवार को कब्जा लेने के लिए टीम भी मौके पर जा पहुंची। जमीन की नप्ती लेने के बाद बोर्ड लगा दिया गया है। इस जमीन के चार एकड़ हिस्से में जिला कोर्ट के वाहनों की पार्किंग की जा रही है,क्योकि जिला कोर्ट में वाहनों की पार्किंग की समस्या रहती है। इसके अलावा इस जमीन पर हर साल जत्रा महोत्सव भी आयोजित किया जाता है। होलकर स्टेट द्वारा जिस प्रायोजन को लेकर जमीन दी गई थी। प्रशासन ने माना कि उसके हिसाब से लीज का उल्लघंन हुआ है। इसके बाद होप टेक्सटाइल के प्रबंधक को नोटिस जारी किया गया था। मिल प्रबंधन ने अतिरिक्त भूमि पर न्यू सियागंज मार्केट भी बनाया है। अब माना जा रहा है कि लीज निरस्ती का मामला फिर कोर्ट में जा सकता है।
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