भारत की बड़ी तैयारी, द रेजिस्टेंस फ्रंट को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित कराएगा
न्यूयार्क। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत अब द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित कराने की तैयारी में है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएसी) की 1267 प्रतिबंध समिति की मॉनिटरिंग कमेटी ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में टीआरएफ का आधिकारिक रूप से ज़िक्र किया है, जो इस पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत पहलगाम हमले का बदला सीधे सैन्य कार्रवाई से नहीं, बल्कि राजनयिक और अंतरराष्ट्रीय दबाव के ज़रिए ले रहा है। टीआरएफ को यूएनएससी द्वारा वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित कराना इसी रणनीति का हिस्सा है। अमेरिका पहले ही टीआरएफ पर प्रतिबंध लगा चुका है, जिससे पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा है। भारत यूएनएससी में टीआरएफ को आतंकवादी संगठन घोषित कराने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहा है।
यूएनएससी की 1267 प्रतिबंध कमेटी की मॉनिटरिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में टीआरएफ का ज़िक्र किया है और यह भी माना है कि टीआरएफ ने पहलगाम हमले की ज़िम्मेदारी दो बार ली थी। इस रिपोर्ट में टीआरएफ और पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के बीच संबंधों का भी उल्लेख है। यदि टीआरएफ को यूएनएससी द्वारा प्रतिबंधित किया जाता है, तब यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ी राजनयिक हार होगी, क्योंकि यह संगठन पाकिस्तान से जुड़ा हुआ माना जाता है। यह पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर और अलग-थलग कर देगा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उसकी दोहरी नीति को उजागर करेगा।
यूएनएससी की 1267 प्रतिबंध कमेटी की मॉनिटरिंग कमेटी की रिपोर्ट में टीआरफए का ज़िक्र होना कई मायनों में महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट में टीआरएफ द्वारा पहलगाम हमले की ज़िम्मेदारी लेने की बात को स्वीकार किया गया है, भले ही बाद में टीआरएफ ने अपनी ज़िम्मेदारी वापस ले ली हो। इतना ही नहीं रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि एक सदस्य देश का मानना है कि पहलगाम हमला लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के समर्थन के बिना संभव नहीं था और टीआरएफ और एलईटी के बीच संबंध हैं।
मॉनिटरिंग कमेटी की रिपोर्टें सुरक्षा परिषद के सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय होते हैं। इसका मतलब है कि सभी सदस्य देश टीआरएफ की गतिविधियों और उसकी संलिप्तता को लेकर एकमत हैं। यह पाकिस्तान के उन दावों को खारिज करता है जिसमें उसने यूएनएससी के प्रेस बयान से टीआरएफ का ज़िक्र हटाने की बात कही थी।
इस रिपोर्ट के बाद टीआरएफ को यूएनएससी द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित कराना आसान हो जाएगा। यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी का कारण बनेगा और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाएगा।
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