कर्नाटक संकट के बीच सुरजेवाला का तीन दिनों तक बेंगलुरू में डेरा, एक-एक विधायक से चर्चा
बेंगलुरु । कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के खिलाफ कुछ कांग्रेस विधायकों द्वारा आवाज उठाने के बाद, एआईसीसी महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला उनकी शिकायतें सुनने के लिए सोमवार से तीन दिनों के लिए बेंगलुरू में डेरा डाले हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, कर्नाटक सरकार में नेतृत्व और केपीसीसी अध्यक्ष पद में बदलाव की अटकलों के बीच, प्रभारी सुरजेवाला विधायकों के मूड का आकलन कर पार्टी हाईकमान को रिपोर्ट कर सकते हैं।
कर्नाटक के लिए एआईसीसी प्रभारी और पार्टी सांसद सुरजेवाला द्वारा विधायकों से मुलाकात के बारे में कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि वे एआईसीसी के हमारे प्रभारी हैं। वह विभिन्न पहलुओं पर गौर करने के लिए कर्नाटक का दौरा करते रहते हैं, जरूरी नहीं कि वे सरकारी मुद्दों पर ही हों। वह पार्टी को मजबूत करने और पार्टी कार्यक्रमों के लिए या पार्टी या सरकार के भीतर किसी तरह की गड़बड़ी होने पर दौरा करते हैं। एक प्रभारी के तौर पर वह हमारा मार्गदर्शन करते है।
सूत्रों ने बताया कि कर्नाटक सरकार और उसके मंत्रियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए भी उनकी यह गहन कवायद महत्वपूर्ण है, ताकि आलाकमान यह तय कर सके कि सिद्धारमैया मंत्रिमंडल में फेरबदल करे या मुख्यमंत्री बदला जाए। हर दिन, सुरजेवाला करीब चालीस विधायकों से मिलने और प्रत्येक के साथ औसतन बीस मिनट बिताएंगे। उम्मीद है कि तीन दिनों की अवधि में वे सभी 137 विधायकों से मिल सकते है।
विधायकों द्वारा अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के लिए विकास निधि की कमी और मंत्रियों द्वारा असहयोग जैसे मुद्दे उठाने की संभावना है। सुरजेवाला से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे गारंटियों के क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर पार्टी की संगठनात्मक ताकत के बारे में जानकारी जुटाएंगे। विधायकों के अलावा, वे पार्टी के उन पदाधिकारियों से भी मिल सकते हैं, जो अपनी राय व्यक्त करना चाहते हैं। वे सिद्धारमैया के सहयोगी वरिष्ठ नेता बी.आर. पाटिल से शुरुआत कर सकते हैं, जिन्होंने हाल ही में आवास विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर विवाद खड़ा कर दिया था।
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