विमान हादसा : अब तक 223 मृतकों के डीएनए सैंपल का मिलान, 202 शव उनके परिवारों को सौंपे
अहमदाबाद| सिविल अस्पताल अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि 12 जून को अहमदाबाद विमान हादसे में मारे गए 223 लोगों के डीएनए सैंपल सुबह 11:50 बजे तक मिलान हो गए हैं। 220 रिश्तेदारों से संपर्क किया गया है। इनमें से 202 परिवारों को उनके रिश्तेदारों के पार्थिव शरीर सौंप दिए गए हैं। सिविल अस्पताल में उपचाराधीन (2) व्यक्तियों के शव भी उनकी मृत्यु के पश्चात उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं। इस प्रकार सिविल अस्पताल से कुल 204 शव सौंपे जा चुके हैं। डॉ. राकेश जोशी ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि जिन 223 मृतकों के डीएनए मैच पाए गए हैं, उनमें 168 भारतीय नागरिक, 7 पुर्तगाली, 36 ब्रिटिश नागरिक, 01 कनाडाई और 11 गैर-यात्री यानी स्थानीय लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 15 शव हवाई मार्ग से तथा 189 शव सड़क मार्ग से उनके आवासों तक पहुंचाए गए। डॉ. जोशी ने बताया कि सौंपे गए 204 शवों में से उदयपुर से 7, वडोदरा से 21, खेड़ा से 11, अहमदाबाद से 58, मेहसाणा से 6, बोटाद से 1, जोधपुर से 1, अरावली से 2, आणंद से 21, भरूच से 7, सूरत से 11, पालनपुर से 1, गांधीनगर से 6, महाराष्ट्र से 2, दीव से 14, जूनागढ़ से 1, अमरेली में 2, गिर सोमनाथ में 5, महिसागर में 1, भावनगर में 1, पटना में 1, राजकोट में 3, मुंबई में 9, नडियाद में 1, जामनगर में 2, पाटन में 2, द्वारका में 2, साबरकांठा में 1, नागालैंड में 1, लंदन में 2 और मोडासा में 1 शव भेजे गए हैं।
DGP सिद्ध नाथ को मिला एक्सटेंशन, चुनाव बाद 7 दिन और रुकेंगे केंद्रीय बल
गुजरात में AAP संकट में, प्रदेश महामंत्री सागर रबारी ने छोड़ा पद
कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं से कराया अवगत
स्वास्थ्य मंत्रालय की चेतावनी—लाइफस्टाइल बीमारियां सबसे बड़ा खतरा
अब तक 1500 से ज्यादा पेड़ लगाकर पेश की मिसाल
पूरी रात जागकर जश्न मनाते रहे गांव वाले
छात्रों और युवाओं ने पेश किए नए स्टार्टअप आइडियाज
दो विदेशी और दो पाकिस्तानी कप्तान मैदान में आमने-सामने
बंगाल में सियासी हिंसा: मिताली बाग की कार पर हमला, सांसद और ड्राइवर घायल
विधानसभा के बाहर हाई-वोल्टेज ड्रामा: MLA ट्रैक्टर लेकर पहुंचे, पुलिस संग झूमाझटकी
राजनीति में बड़ा उलटफेर: राघव सहित 7 AAP सांसद BJP में, संजय सिंह की प्रतिक्रिया
गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलेगा पक्का घर
अंपायर के फैसले पर बहस करना माना जाता है अनुशासनहीनता